दिवंगत अभिनेता थिलकन की बेटी ने प्रमुख मलयालम अभिनेता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया
शुभम माधव पवनेश
- 20 Aug 2024, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
तिरुवनंतपुरम, 20 अगस्त (भाषा) प्रसिद्ध मलयालम अभिनेता दिवंगत थिलकन की बेटी ने मंगलवार को चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि फिल्म उद्योग के एक प्रमुख अभिनेता ने पिता के निधन के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किया था।
सोनिया थिलकन ने कहा कि अभिनेता ने उन्हें अपने कमरे में बुलाया और कहा कि उन्होंने उनके पिता के साथ जो कुछ भी किया था उसके लिए और बाद में उसे जो आपत्तिजनक संदेश भेजे थे उसके लिए माफी मांगना चाहते हैं।
न्यायमूर्ति हेमा समिति की सोमवार को सामने आई रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले यौन उत्पीड़न पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि काम शुरू करने से पहले ही उन पर अवांछित समझौता करने के लिए जोर दिया गया। सरकार ने 2019 में न्यायमूर्ति हेमा समिति का गठन किया था। समिति ने मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों का अध्ययन किया।
यहां संवाददाताओं से बात करते हुए थिलकन ने अभिनेता के नाम का खुलासा करने को लेकर हिचकिचाहट दिखाई।
उन्होंने कहा कि एक 'ताकतवर समूह' लंबे समय से मलयालम फिल्म उद्योग और कलाकारों के संगठन एएमएमए को नियंत्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा, "मेरे पिता को संगठन के आंतरिक मुद्दों पर मुखर होने के कारण वहां से निकाल दिया गया था। इसके पीछे भी वही ताकतवर समूह था।"
उन्होंने यह खुलासा न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के एक दिन बाद किया है। इस रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न और यौन शोषण को उजागर किया गया है।
विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट में थिलकन के साथ हुए दुर्व्यवहार का भी उल्लेख है, जिन्हें एएमएमए की ओर से आजीवन प्रतिबंध का भी सामना करना पड़ा था।
सोनिया थिलकन ने कहा कि अभिनेता ने उनसे सहजता के साथ बात की थी, लेकिन बाद में गलत इरादे से संदेश भेजा।
उन्होंने कहा कि उनके संदेश गलत इरादों का प्रमाण है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह बचपन से अभिनेता को देखती आ रही हैं।
पत्रकारों ने जब उनसे अभिनेता का नाम पूछा तो उन्होंने कहा कि वह उचित समय पर इसका खुलासा करेंगी।
सोनिया ने कहा, "मैंने यह खुलासा हेमा समिति के समक्ष बयान देने वाली महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए किया है। यदि मुझ जैसी बाहरी महिला को कष्ट सहना पड़ा है तो कल्पना कीजिए कि उद्योग में काम करने वालों को कितनी पीड़ा होगी।"
भाषा
शुभम माधव