मप्र के किसान ने सोयाबीन की फसल नष्ट की; कांग्रेस ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की
दिमो नोमान
- 19 Aug 2024, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
भोपाल/मंदसौर (मध्य प्रदेश), 19 अगस्त (भाषा) मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक किसान ने अपनी उपज का अच्छा मूल्य नहीं मिलने का दावा करते हुए सोयाबीन की फसल नष्ट कर दी जिसके बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार की कृषि नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मंदसौर के देवरिया गांव के निवासी किसान कमलेश पाटीदार ट्रैक्टर से अपने खेत में खड़ी फसल को नष्ट करते नजर आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में वीडियो साझा करते हुए कहा, “मंदसौर के गरोठ में चौंकाने वाला, फिर से चिंता बढ़ाने वाला घटनाक्रम हुआ! किसान श्री कमलेश पाटीदार जी ने सोयाबीन की फसल पर केवल इसलिए ट्रैक्टर चला दिया, क्योंकि बाजार का भाव नफा की बजाय नुकसान का सौदा दे रहा था।”
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग किए गए पोस्ट में कहा कि यह दर्द सिर्फ एक का नहीं बल्कि राज्य के हजारों किसान परिवारों का है।
उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सोयाबीन की फसल के लिए न्यूनतम बिक्री मूल्य के बारे में अपना वादा पूरा करने में विफल रही है।
किसान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उसके पास 140 क्विंटल पुराना सोयाबीन था, जिसे उसने शामगढ़ मंडी में 3,800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा।
उन्होंने कहा कि अगर सोयाबीन का नया भाव 3,500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल खुलता है, तो किसानों को नुकसान होगा।
पाटीदार ने कहा कि एक बीघा (0.6 एकड़) जमीन पर चार क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन होता है। पाटीदार ने दावा किया कि उन्होंने अब तक 8,000 रुपये प्रति बीघा खर्च किए हैं और फसल तैयार होने तक उन्हें 6,000 रुपये प्रति बीघा और खर्च करने होंगे।
पाटीदार ने कहा, "अगर सोयाबीन का नया भाव 3,500 से 3,800 रुपये प्रति क्विंटल खुलता है, तो हमें क्या मिलेगा? इसे देखते हुए मैंने 12 से 13 बीघा (7 एकड़ से अधिक) ज़मीन पर खड़ी फसल को नष्ट कर दिया।"
भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री चौहान ने हाल में पिछली कांग्रेस सरकारों की कृषि नीति को उजागर किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सुधार हुआ है, फसल बीमा योजना के तहत 1.6 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि इसके अलावा प्रत्यक्ष हस्तांतरण लाभ और किसानों के कल्याण की अन्य योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
चतुर्वेदी ने कहा, "पटवारी को राजनीति करना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि किसानों के मुद्दे भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। यह कांग्रेस द्वारा पैदा की गई कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान कर रही है।”
भाषा दिमो