हमारी प्राथमिकता फुटबॉल की गुणवत्ता में सुधार करना: एआईएफएफ के नये महासचिव
आनन्द पंत
- 19 Aug 2024, 03:34 PM
- Updated: 03:34 PM
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के नवनियुक्त महासचिव पी. अनिलकुमार ने सोमवार को कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता फीफा, क्लबों, राज्य संघों और सरकार जैसे प्रत्येक हितधारक को शामिल करते हुए देश में फुटबॉल की ‘गुणवत्ता में सुधार’ करना है।
अनुभवी खेल प्रशासक अनिलकुमार का ‘फुटबॉल हाउस’ में एआईएफएफ कोषाध्यक्ष किपा अजय ने उप महासचिव एम सत्यनारायण की उपस्थिति में स्वागत किया।
अनिलकुमार ने सोमवार को कार्यभार संभालने के बाद एआईएफएफ वेबसाइट से कहाा, ‘‘अब, प्राथमिकता फुटबॉल की गुणवत्ता में सुधार की होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इसे उस स्तर पर लाने में हमें कितना समय लगेगा। लेकिन फिर भी हम इस उम्मीद के साथ शुरुआत कर रहे हैं कि हम कुछ बेहतर कर सकेंगे। जब तक हम सफल नहीं हो जाते, हम हार नहीं मानेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम आप सभी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों और भारतीय फुटबॉल का समर्थन करने वालों के साथ काम करना जारी रखेंगे।’’
अनिलकुमार का मानना है कि जब गुणवत्ता में सुधार होगा, तो फुटबॉल देखने वाले दर्शकों की संख्या बढ़ेगी और फुटबॉल में निवेश बढ़ेगा।
नवनियुक्त महासचिव ने कहा कि भारतीय फुटबॉल हालांकि कई वर्षों से आगे बढ़ रहा है, लेकिन फीफा रैंकिंग को पैमाना बनाये तो यह अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में उस रैंकिंग को सुधारने की हमारी बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। हमारा ध्यान भारतीय फुटबॉल की गुणवत्ता में सुधार करने और इसे वैश्विक स्तर पर अधिक स्वीकार्य बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने पर होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके लिए हम कार्यकारी समिति के निर्देशों के मुताबिक अपनी टीम के साथ प्रणाली में सुधार करने के लिए मेहनत करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि महासंघ जल्द ही सभी क्लबों और निवेशकों के साथ बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा और राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र से भी मदद मांगेगा।
केरल फुटबॉल संघ के इस पूर्व महासचिव ने कहा, ‘‘ हमारी प्राथमिकता सभी क्षेत्रों में सुधार करने की होगी। जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष डिवीजन तक। हम क्लब मालिकों और निवेशकों के साथ बैठक कर योजना बनाएंगे। हमें जहां कमी महसूस होगी वहां हम एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) और फीफा से मदद लेने की कोशिश करेंगे। हम अपनी दीर्घकालिक योजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ भारत सरकार से भी मदद मांगेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पता है कि यह बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन मुझे लंबे समय तक केरल फुटबॉल संघ में काम करने का अनुभव है और इस खेल के विभिन्न विभागों को अच्छे से समझता हूं।’’
भाषा आनन्द