जयशंकर ने कुवैत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की; द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की
प्रीति सुरेश
- 19 Aug 2024, 12:37 AM
- Updated: 12:37 AM
कुवैत सिटी, 18 अगस्त (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कुवैत के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के तरीकों तथा क्षेत्र में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
एक दिवसीय यात्रा पर रविवार को यहां पहुंचे जयशंकर ने ‘क्राउन प्रिंस’ (युवराज) शेख सबा अल-खालिद अल-सबा से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को उच्चतर स्तर पर ले जाने के लिए उनके साथ विचार-विमर्श किया।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबा अल-हमद अल-मुबारक अल-सबा से मुलाकात कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। (मैंने उन्हें) राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएं दीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत और कुवैत के बीच सद्भावना और मित्रता के सदियों पुराने रिश्ते हैं। हमारी मौजूदा साझेदारी लगातार बढ़ रही है। हमारे संबंधों को और प्रगाढ़ करने के वास्ते उनके मार्गदर्शन और अंतर्दृष्टि के लिए उनका शुक्रिया।’’
उन्होंने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से मुलाकात कर प्रसन्नता हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। भारत-कुवैत संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में उनके विचारों की सराहना की। आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के संबंध में उनके विचारों को महत्व दिया।’’
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के बारे में उनके विचारों के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी कुना की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
जयशंकर ने अपने कुवैती समकक्ष अब्दुल्ला अली अल-याह्या के साथ ‘‘गर्मजोशी भरी और सार्थक’’ बैठक की, जिस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीतिक, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और कनेक्टिविटी को कवर करने वाली व्यापक साझेदारी की समीक्षा की।
उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में हमारे दीर्घकालिक संबंध और मजबूत होंगे।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुवैत के विदेश मंत्री के साथ की गई बैठक में सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की गई।
इसमें कहा गया कि व्यापार और निवेश दोनों के क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी को और अधिक बढ़ाने में दोनों पक्षों की गहरी रुचि है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ''उन्होंने सहयोग को और बढ़ाने के लिए नये क्षेत्रों पर भी चर्चा की, जिसमें खासकर औषधीय, प्रौद्योगिकी, शिक्षा आदि शामिल है। श्रम और जनशक्ति मुद्दों को और अधिक सुव्यवस्थित करने तथा उनके कार्यान्वयन पर भी जोर दिया गया।''
बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, क्षेत्र में विकास, सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा और क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को संगठित करने पर भी चर्चा की।
अल-याह्या ने जयशंकर और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में दोपहर भोज का भी आयोजन किया।
जयशंकर ने कुवैत में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ भी बात की। उन्होंने एक्स पर लिखा, ''भारत-कुवैत संबंधों में उनकी उपलब्धियों और योगदान की सराहना करता हूं।''
विदेश मंत्रालय ने कहा, ''मंत्री ने 'कुवैत में भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न व्यावसायिक और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। कुवैत में बड़ी संख्या में रह रहे भारतीय दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु का काम कर रहे हैं।''
जयशंकर रविवार को एक-दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे। कुवैत पहुंचने पर यहां के विदेश मंत्री अल-याह्या ने उनका स्वागत किया।
कुवैत की एक इमारत में भीषण आग लगने की घटना में 45 भारतीयों की मौत के करीब दो माह बाद विदेश मंत्री यहां की यात्रा पर आये हैं।
भाषा प्रीति