भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक राकेश पाल का दिल का दौरा पड़ने से निधन
प्रीति सुरेश
- 19 Aug 2024, 12:23 AM
- Updated: 12:23 AM
नयी दिल्ली/चेन्नई, 18 अगस्त (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (डीजी) राकेश पाल का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से चेन्नई के एक सरकारी अस्पताल में निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राकेश पाल के परिवार में पत्नी दीपा पाल और दो बेटियां हैं। उन्होंने अपने नेतृत्व में तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पाल ने पिछले वर्ष 19 जुलाई को भारतीय तटरक्षक बल के 25वें महानिदेशक का कार्यभार संभाला था।
अधिकारियों ने बताया कि पाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भारतीय तटरक्षक बल के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें दिन में सरकारी राजीव गांधी सामान्य अस्पताल (आरजीजीएच) में भर्ती कराया गया।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''आज चेन्नई में भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक राकेश पाल के असामयिक निधन की खबर सुनकर दुःख हुआ।''
उन्होंने कहा, ''वह एक योग्य और प्रतिबद्ध अधिकारी थे जिनके नेतृत्व में तटरक्षक बल ने भारत की समुद्री सुरक्षा को बहुत मजबूत किया है। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।''
राजनाथ सिंह उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अस्पताल पहुंचे।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले पाल को संगीत और खेल का बहुत शौक था।
अधिकारियों ने बताया कि राकेश पाल के पार्थिव शरीर को दिल्ली लाने की व्यवस्था की जा रही है।
रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने पाल को 'एक सक्षम और प्रतिबद्ध अधिकारी बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में तटरक्षक बल ने भारत की समुद्री सुरक्षा को बहुत मजबूत किया है।
राकेश पाल भारतीय नौसेना अकादमी के पूर्व छात्र थे और जनवरी 1989 में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए थे।
राकेश पाल ने अपने 34 साल से अधिक के करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी थीं। उन्होंने तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम) के कमांडर, नीति एवं योजना संबंधी उप महानिदेशक तथा नयी दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक का कार्यभार संभाला था।
उन्होंने नयी दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में निदेशक (अवसंरचना एवं निर्माण) और प्रधान निदेशक (प्रशासन) जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर भी सेवाएं दी थीं।
राकेश पाल को समुद्री गतिविधियों में व्यापक अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने भारतीय तटरक्षक पोत ‘समर्थ’, ‘विजित’, ‘सुचेता कृपलानी’, ‘अहिल्याबाई’ और भारतीय तटरक्षक पोत ‘सी-03’ जैसे सभी श्रेणियों के पोतो की कमान संभाली थी।
अधिकारी ने गुजरात के ओखा और वाडिनार जैसे दो महत्वपूर्ण तटरक्षक बेस का भी नेतृत्व किया था।
राकेश पाल को फरवरी 2022 में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। जिसके बाद उन्हें तटरक्षक मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया।
उनके नेतृत्व में तटरक्षक बल ने सफलतापूर्वक कई बड़े अभियान और अभ्यास किए हैं, जिनके तहत मादक पदार्थ और करोड़ो रुपये का सोना जब्त किया गया है।
पाल भारतीय नौसेना अकादमी के पूर्व छात्र थे और जनवरी 1989 में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए थे।
उन्होंने कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना स्कूल द्रोणाचार्य से तोपखाना और हथियार प्रणाली में व्यावसायिक विशेषज्ञता हासिल की थी तथा ब्रिटेन से 'इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स फायर कंट्रोल सॉल्यूशन' कोर्स किया था।
अधिकारी को भारतीय तटरक्षक बल के 'फर्स्ट गनर' होने का सम्मान भी प्राप्त था।
राकेश पाल को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक, राष्ट्रपति तटरक्षक पदक और तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया था।
भाषा प्रीति