देहरादून सामूहिक दुष्कर्म मामले में बस का चालक, परिचालक सहित पांच गिरफ्तार
दीप्ति, रवि कांत
- 18 Aug 2024, 09:14 PM
- Updated: 09:14 PM
देहरादून, 18 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) में दिल्ली से आयी एक बस में नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने रविवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने यहां बताया कि 12 अगस्त को हुई इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उस बस का चालक और परिचालक भी शामिल हैं जिसमें इस अपराध को अंजाम दिया गया।
उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को घटना की जानकारी मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए वारदात में इस्तेमाल उत्तराखंड परिवहन निगम की बस की पहचान की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के हरिद्वार के बुग्गावाला निवासी धर्मेंद्र कुमार (32) और राजपाल (57), हरिद्वार जिले के ही भगवानपुर निवासी देवेंद्र (52), देहरादून के पटेलनगर निवासी राजेश कुमार सोनकर (38) तथा उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के नवाबगंज के रहने वाले रवि कुमार (34) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि धमेंद्र कुमार वारदात में प्रयुक्त हुई बस का चालक और देवेंद्र परिचालक है। रवि कुमार और राजपाल अन्य बसों के चालक हैं जबकि सोनकर बस अड्डे पर तैनात उत्तराखंड रोडवेज का कैशियर है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त बस को कब्जे में ले लिया गया है तथा फॉरेंसिक टीम ने बस से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16-17 साल की लड़की को 12 अगस्त की देर रात आईएसबीटी देहरादून के प्लेटफार्म नंबर 12 पर एक बेंच पर बैठे देखकर इसकी सूचना देहरादून बाल कल्याण समिति को दी गयी जिसने उसे सुरक्षा की दृष्टि से राजकीय बालिका निकेतन भेज दिया।
बालिका निकेतन में काउंसलिंग के दौरान लड़की ने अपने साथ कथित दुष्कर्म की बात बताई जिसके बाद समिति की सदस्य प्रतिभा जोशी ने शनिवार शाम पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पटेलनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन करने के अलावा उन्होंने स्वंय पीड़ित बालिका से मिलकर घटना की जानकारी ली तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि बालिका ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं और वह पंजाब की रहने वाली है।
बाद में उसने पुलिस को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली है और वह पहले मुरादाबाद से दिल्ली गयी और फिर दिल्ली में कश्मीरी गेट से बस पकड़कर देहरादून आयी जहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।
उन्होंने बताया कि लड़की शुरू में बार-बार अपने बयानों को बदलती रही लेकिन बाद में उसने गहन पूछताछ के दौरान अपने परिजनों की जानकारी पुलिस को दी।
परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि पीड़िता के माता-पिता जीवित हैं तथा पहले भी वह कई बार अपने घर से बिना बताए जा चुकी है। हालांकि, पीड़िता के परिजनों को हर बार विभिन्न माध्यमों से उसकी जानकारी मिली जिसके बाद वह उसे घर ले आए।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक पूछताछ में आरोपी देवेंद्र ने बताया कि दिल्ली में कश्मीरी गेट पर पंजाब जाने वाली बस के बारे में जानकारी ले रही पीड़िता को उसने अपनी बस में सवार होकर देहरादून चलने और फिर वहां से पौंटा साहिब होते हुए पंजाब जाने का सुझाव दिया। देहरादून पहुंचने पर जब बस से सभी सवारियां उतर गयीं तो देवेंद्र ने चालक धर्मेंद्र के साथ मिलकर कथित रूप से लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
उन्होंने बताया कि बस अड्डे पर आसपास खड़ी बसों के चालकों- रवि और राजपाल को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने भी बस के अंदर जाकर लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
देवेंद्र ने बताया कि घटना के बाद वह कैश काउंटर पर पैसा जमा कराने गया तो उसने इस बारे में वहां तैनात कैशियर सोनकर को बताया जिसके बाद उसने भी बस में लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
राजधानी में घटी इस वीभत्स घटना पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार से अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, ''आईएसबीटी जैसे सार्वजनिक स्थान पर, जहां यात्रियों का 24 घंटे आवागमन बना रहता है तथा त्योहारों के मद्देनजर पुलिस की चौकसी के बावजूद, किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के प्रति सरकारी रवैये की पोल खोल कर रख दी है ।''
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल में रुद्रपुर के एक अस्पताल में काम करने वाली एक महिला नर्स से कथित दुष्कर्म तथा हत्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें कानून का जरा सा भी भय नहीं है।
माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घटना में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करती है।
कांग्रेस के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं और हर घटना का त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई की जा रही है।
चौहान ने दावा किया कि किसी भी घटना के सिलसिले में कार्रवाई के मामले में अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तराखंड की स्थिति बेहतर है।
उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा, '' भाजपा सरकार में अपराध छिपाए नहीं जाते, बल्कि रिपोर्ट दर्ज कर उन पर कार्रवाई अमल में लायी जाती है।''
चौहान ने कांग्रेस पर असंवेदनशील राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस दोहरे मापदंड अपनाती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में दुष्कर्म और हत्या की घटना पर कांग्रेस अभी तक अपना रुख साफ नहीं कर पायी है।
भाषा
दीप्ति, रवि कांत