गौरव गोगोई ने उल्फा (आई) के दावों के बाद सुरक्षा विफलता के लिए मुख्यमंत्री शर्मा की आलोचना की
आशीष नेत्रपाल
- 18 Aug 2024, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
गुवाहाटी, 18 अगस्त (भाषा) उल्फा (आई) द्वारा 24 जगहों पर बम लगाने का दावा किए जाने के बाद कम से कम 10 स्थानों से ‘‘बम जैसी वस्तु’’ की बरामदगी के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने रविवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहे हैं।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या पुलिस और खुफिया एजेंसियां उस समय सो रही थीं, जब संगठन ने राज्य भर में ‘‘संदिग्ध वस्तुएं’’ रखी थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उल्फा इतनी जगहों पर बम या संदिग्ध वस्तुएं रख सकता है, तो क्या यह हमारे गृह विभाग और खुफिया विभाग की विफलता नहीं है? इस आधुनिक युग में, हम लगातार निगरानी में हैं। हमारे फोन टैप किए जा रहे हैं, मुझे लगता है कि पेगासस के जरिए मेरे फोन भी टैप किए जा रहे हैं।’’
गोगोई ने जोरहाट में पार्टी के एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘उल्फा ने एक कड़ा संदेश भेजा है। मैं पूछना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री और उनका गृह विभाग क्या कर रहा था? क्या पुलिस सो रही थी? उल्फा ने इसे इतनी सटीकता से अंजाम दिया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। इससे साबित होता है कि हमारा गृह विभाग कितना विफल रहा है।’’
गोगोई ने आरोप लगाया कि गृह विभाग माफिया, गौ तस्करों और गिरोहों को संरक्षण देने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब हमें सुरक्षा देने की बात आई, तो वह विफल हो गया। मुख्यमंत्री विफल हो गए। पिछली सरकारों में जब वह (शर्मा) शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्त मंत्री थे, तब भी वह विफल रहे।’’
काग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब वह गृह मंत्री के रूप में भी विफल हो गए हैं। वह पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में केवल सुपर टेंडर जारी करने और गुवाहाटी तथा अन्य स्थानों पर फ्लाईओवर बनाने का आदेश देने में ही सफल रहे हैं।’’
प्रतिबंधित उल्फा (आई) ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि उसने स्वतंत्रता दिवस पर असम में सिलसिलेवार विस्फोट करने के लिए 24 स्थानों पर बम लगाए हैं। इसके बाद पुलिस ने गुवाहाटी में चार स्थानों सहित कम से कम 10 स्थानों से ‘‘बम जैसी वस्तु’’ बरामद की थी।
भारी सुरक्षा चूक के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री से उनकी सरकार की ‘‘पूर्ण विफलता’’ के लिए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह 2026 में विधानसभा चुनाव में शर्मा के खिलाफ़ चुनाव लड़ेंगे, गोगोई ने कहा, ‘‘अगर पार्टी तय करती है, तो मैं जालुकबारी (शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र) से चुनाव लड़ूंगा। अगर वह मुझे जोरहाट या गोलाघाट से चुनाव लड़ने के लिए कहती है, तो मैं उसके अनुसार चुनाव लड़ूंगा। पार्टी जो भी फैसला करेगी, मैं वही करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के अंदर राजनीतिक भूचाल आया है। चुनाव से पहले कांग्रेस के लोग भाजपा में शामिल हुए। नतीजों के बाद अब भाजपा एवं अन्य दलों के लोग कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।’’
गोगोई ने कहा कि अगर केंद्र सरकार बदलती है और अस्थिर होती है अथवा हरियाणा, झारखंड एवं महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम भाजपा के अनुकूल नहीं आते हैं तो मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा इस ‘डूबते जहाज’ को छोड़ने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
भाषा आशीष