अभिनेत्री सेलिना जेटली ने स्कूल के दिनों में अपने साथ हुए उत्पीड़न को बयां किया
योगेश सुभाष
- 18 Aug 2024, 07:06 PM
- Updated: 07:06 PM
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) अभिनेत्री सेलिना जेटली ने कहा है कि उन्होंने स्कूल के दिनों में कई बार उत्पीड़न का सामना किया था और इस बात पर दुख जताया कि हर बार पीड़ित को ही दोषी ठहराया जाता है।
अभिनेत्री की यह टिप्पणी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार व हत्या के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच आई है।
सेलिना ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट किया, जिसका शीर्षक है ‘‘पीड़ित को ही हमेशा दोषी ठहराया जाता है।’’
उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘समय आ गया है कि हम खड़े हों और अपनी सुरक्षा के अधिकार की मांग करें क्योंकि महिलाओं की कोई गलती नहीं है।’’
छठी कक्षा की अपनी तस्वीर साझा करते हुए अभिनेत्री ने याद किया कि कैसे नजदीक के एक विश्वविद्यालय के लड़के स्कूल के बाहर उसका इंतजार करते थे और हर रोज घर तक उसके रिक्शे का पीछा करते थे।
अब 42 वर्ष की हो चुकीं अभिनेत्री ने पोस्ट में लिखा, ‘‘मैं उनकी ओर ध्यान नहीं देने का दिखावा करती और कुछ दिनों बाद इसी वजह से उन्होंने मेरा ध्यान खींचने के लिए बीच सड़क पर मेरी ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। मेरे एक शिक्षक ने कहा : मेरे साथ ऐसा इसलिए हुआ कि मैं अधिक ढीले कपड़े नहीं पहनती और अपने बालों में तेल लगाकर दो चोटियां नहीं बांधती। यह मेरी गलती है!’’
उन्होंने कहा, "सुबह स्कूल रिक्शा का इंतजार करते समय एक व्यक्ति ने मुझे अपने गुप्तांग दिखाये। कई साल तक मैं इस घटना के लिए खुद को दोषी मानती रही और बार-बार अपने मन में टीचर के शब्दों को दोहराती रही कि यह मेरी ही गलती थी।’’
अभिनेत्री ने बताया कि जब वह 11वीं कक्षा में थी, तब विश्वविद्यालय के छात्र उसके दोपहिया वाहन के तार काट देते क्योंकि वह उन्हें नजरअंदाज करती थीं। सेलिना ने कहा कि वे उसे परेशान करते, गालियां देते और उसकी गाड़ी पर अश्लील शब्द लिख दिया करते थे।
उत्पीड़न के बारे में अभिनेत्री के कुछ पुरुष सहपाठियों द्वारा शिक्षकों को सूचित किये जाने के बाद, सेलिना ने कहा कि ‘क्लास टीचर’ ने उसे ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि वह "खुले विचारों वाली, स्कूटी चलाने वाली और अतिरिक्त कक्षाओं में जीन्स पहन कर आने तथा खुले व छोटे बाल रखने वाली लड़की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि लड़के सोचते हैं कि आप चरित्रहीन हैं। मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैंने अपनी स्कूटी से कूदकर खुद को बचाने की कोशिश की क्योंकि वाहन के ब्रेक के तार काट दिये गए थे। मुझे काफी चोटें आई थीं और फिर भी यह मेरी गलती थी... मुझे शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा... और मुझे बताया गया कि यह मेरी गलती थी।’’
उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘अब समय आ गया है कि हम खड़े हों और सुरक्षा किये जाने के अपने अधिकार की मांग करें। हमारी कोई गलती नहीं है।’’
भाषा योगेश