गुजरात और मिजोरम में चिकित्सकों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
रवि कांत रवि कांत संतोष
- 17 Aug 2024, 06:57 PM
- Updated: 06:57 PM
(फोटो के साथ)
अहमदाबाद, 17 अगस्त (भाषा) गुजरात में सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सक कोलकाता के अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में आयोजित 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए जिससे शनिवार को राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) और ‘गुजरात जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन’ के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के तहत राज्य भर के कई अस्पतालों में चिकित्सक बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) से दूर रहे और वैकल्पिक सर्जरी भी नहीं की।
चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं तथा कोलकाता की पीड़ित महिला चिकित्सक के लिए न्याय की मांग की।
कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को एक स्नातकोत्तर महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात के खिलाफ आईएमए ने देशव्यापी हड़ताल आयोजित की।
आईएमए की अहमदाबाद शाखा की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मोना देसाई ने प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और राज्य की राजधानी गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
डॉ. मोना देसाई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को मांगों की एक सूची के साथ एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों के साथ अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र बनाने और सुरक्षाकर्मियों की संख्या को बढ़ाने की मांग शामिल है ताकि चिकित्सक बिना किसी डर के सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।’’
हड़ताल से कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ‘जूनियर डॉक्टर’ भी प्रदर्शन में शामिल हुए और ओपीडी से दूर रहे, जबकि वडोदरा में जीएमईआरएस अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीजों से आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया और इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पर्चे बांटे।
इस बीच, मिजोरम में भी चिकित्सकों के आईएमए की ओर से आयोजित हड़ताल और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण शनिवार को स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित रहीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) की मिजोरम शाखा के अध्यक्ष डॉ. जॉन जोमिंगथांगा ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों, निजी सुविधाओं और चर्च द्वारा संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और गैर-आवश्यक इकाइयों में सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान ओपीडी के अलावा सभी निजी क्लीनिक भी बंद रहे। अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में केवल आपातकालीन सेवाएं और रक्त बैंक ही काम कर रहे हैं।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में नौ अगस्त को ड्यूटी के दौरान स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक से कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
पश्चिम बंगाल की राजधानी में सरकारी अस्पताल के ‘सेमिनार हॉल’ में 32 वर्षीय चिकित्सक का अर्ध निर्वस्त्र शव मिला था। इस घटना के सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था जो अस्पताल से जुड़ा हुआ नहीं था, लेकिन उसका वहां अक्सर आना-जाना था।
भाषा रवि कांत रवि कांत