राजस्थान में चिकित्सकों की हड़ताल के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित
कुंज पवनेश प्रशांत
- 17 Aug 2024, 04:14 PM
- Updated: 04:14 PM
जयपुर, 17 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोशिएशन (आईएमए) के एक दिन की हड़ताल के आह्वान के बाद शनिवार को राजस्थान में चिकित्सक सेवाएं प्रभावित हुई।
राजस्थान के लगभग सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया गया तथा वार्ड में भी व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं।
आईएमए जयपुर के एक प्रतिनिधि ने बताया कि आईएमए के राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल के आह्वान के बाद जयपुर समेत राजस्थान के सभी जिलों में चिकित्सकों ने आज कार्य का बहिष्कार किया है। यह बहिष्कार कोलकाता में एक कनिष्ठ चिकित्सक के बलात्कार और हत्या के बाद चल रहे आंदोलन के समर्थन में किया गया है।
राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने बताया कि रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के समर्थन में शनिवार को सभी सरकारी चिकित्सकों ने दो घंटे का कार्य का बहिष्कार किया।
उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह आठ बजे से दस बजे तक अस्पताल के सभी विभागों के चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार किया, हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू हैं।
डॉ. भाटी ने बताया कि चिकित्सकों के कार्य के बहिष्कार के दौरान ओपीडी मरीजों को दिक्कतों का सामना पड़ा लेकिन बाद में अस्पताल में सभी सरकारी चिकित्सक काम पर लौट आये।
चित्तौड़गढ़ जिले में भी आईएमए के आह्वान पर चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से बंद रहीं।
चित्तौड़गढ़ जिले के सबसे बड़े श्री सांवलिया जी राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों ने बंगाल सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। वही चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए काली पट्टी बांधकर काम किया।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश वैष्णव ने कहा कि बंगाल में हुई घटना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने मांग की कि सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और जो भी दोषी है उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
बाड़मेर में रेजिडेंट चिकित्सकों को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल बाड़मेर के रेजिडेंट स्पेशलिस्ट एवं सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
जालौर में आज सुबह छह बजे से लेकर कल सुबह छह बजे तक 24 घण्टे तक आईएमए के आह्वान पर सभी चिकित्सक हड़ताल पर हैं। आज जिला अस्पताल में संचालित होने वाली ओपीडी में ताले लटके हुए नजर आए लेकिन अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी जिले जैसलमेर के जवाहर चिकित्सालय के डॉक्टर भी विरोध जता रहे है। वरिष्ठ डॉक्टर जहां सामूहिक अवकाश पर है वहीं जूनियर डॉक्टर सेवाएं दे रहे है।
ऐसे में जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय में हालात न बिगड़े इससे पहले ही सरहद की रखवाली करने वाले बीएसएफ के चिकित्सक ने मोर्चा संभाला है। बीएसएफ में तैनात डॉक्टर हेमन्त जीनगर इमरजेंसी सेवा दे रहे हैं।
डॉ. जीनगर ने बताया कि बीएसएफ की सेवा के साथ ही आमजन की सेवा करना हमारा कर्तव्य है और उसके लिए बीएसएफ सदैव तैयार है।
भाषा कुंज पवनेश