कोलकाता में दुष्कर्म के बाद चिकित्सक की हत्या: देश भर में प्रदर्शन हुआ तेज, न्याय की मांग
प्रशांत माधव
- 16 Aug 2024, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या की घटना को लेकर देशभर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों को ड्यूटी पर तैनात किसी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ हिंसा की घटना के मामले में छह घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज करनी होगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा 24 घंटे के लिए देश भर में गैर-आपातकालीन और ओपीडी सेवाएं बंद रखने के आह्वान के बाद, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं के अधिकाधिक चिकित्सक कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पिछले सप्ताह हुई घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और पीड़ित के लिए न्याय और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून की मांग की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चिकित्सकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान अस्पतालों में सभी वैकल्पिक सेवाएं निलंबित रहीं।
अभी तक अपने-अपने अस्पतालों के परिसरों में प्रदर्शन कर रहे चिकित्सक आज निर्माण भवन के बाहर जुटे और प्रदर्शन कर विरोध जताया। निर्माण भवन में ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यालय है।
महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और गुजरात सहित कई शहरों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध मार्च निकाला, जबकि कोलकाता में पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और हिंसा के सिलसिले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, जहां कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद 9 अगस्त से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति गठित करने के निर्णय को “बहुत कम और बहुत देर से लिया गया” करार देते हुए आईएमए प्रमुख डॉ. आर.वी. अशोकन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हितधारकों के परामर्श के बाद 2019 में एक मसौदा विधेयक तैयार किया गया था लेकिन यह कभी संसद में नहीं गया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कानून लाने के लिए सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।
केंद्रीय सरकारी अस्पतालों के निदेशकों और चिकित्सा अधीक्षकों तथा सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को भेजे गए कार्यालय ज्ञापन में मंत्रालय ने कहा, “ड्यूटी के दौरान किसी भी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की स्थिति में, संस्थान के प्रमुख घटना के अधिकतम 6 घंटे के भीतर संस्थागत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जिम्मेदार होंगे।”
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में यह देखा गया है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा आम हो गई है।
इस घटना को लेकर शुक्रवार को भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रही।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विपक्षी माकपा और भाजपा पर आर जी कर अस्पताल में तोड़फोड़ की साजिश रचने तथा सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाकर महिला डॉक्टर के बलात्कार एवं हत्या के पीछे की सच्चाई को छिपाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
वहीं भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग की और उन पर संविधान के मूल मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
झारखंड में जहां राज्य के पांच प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है, वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनसे दुष्कर्म और हत्या के मामले पर “राजनीति करना बंद करने” को कहा। प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर कोलकाता पुलिस से सीबीआई को सौंप दिया गया था।
बनर्जी ने सीबीआई से रविवार तक मामले को सुलझाने का आग्रह किया है और दोषियों को फांसी देने की मांग की है।
उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए, लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए कुछ लोग झूठ फैला रहे हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाकर सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है। हम इन गतिविधियों की निंदा करते हैं। हम चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले।”
भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में शुक्रवार को सैकड़ों रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम बंद रखा। इससे राज्य भर में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं। मुंबई में आईएमए के आह्वान पर अधिक संख्या में चिकित्सक प्रदर्शन में शामिल हुए तथा गुजरात में लगभग 4,000 रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
पंजाब में, राज्य नागरिक चिकित्सा सेवा संघ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर ओपीडी सेवा को निलंबित कर दिया, जबकि सरकारी गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टरों ने कोलकाता की घटना के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल की।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई तोड़फोड़ को “राज्य मशीनरी की पूर्ण विफलता” बताया। इस बीच मृत महिला डॉक्टर के माता-पिता ने सीबीआई को बताया कि प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान के कुछ प्रशिक्षु और चिकित्सक कथित रूप से उसके बलात्कार और हत्या में शामिल थे।
कोलकाता पुलिस ने तोड़फोड़ में कथित संलिप्तता के लिए 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने स्वीकार किया कि पर्याप्त सुरक्षा के बावजूद वे (पुलिसकर्मी) हिंसा के लिए तैयार नहीं थे।
भाषा प्रशांत