महाराष्ट्र : पैगंबर के बारे में हिंदू धार्मिक नेता के बयान से तनाव, दो प्राथमिकियां दर्ज
जितेंद्र माधव
- 16 Aug 2024, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
छत्रपति संभाजीनगर/नासिक, 16 अगस्त (भाषा) हिंदूवादी नेता रामगिरी महाराज द्वारा पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया।
पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों की शिकायतों के बाद महाराष्ट्र के दो जिलों में रामगिरी के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए।
पुलिस ने बताया कि हाल ही में नासिक जिले की सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान रामगिरी महाराज ने यह आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रामगिरी की टिप्पणियों पर विवाद के बीच शुक्रवार को नासिक जिले में एक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मंच साझा किया और उन्हें ‘संत’ करार दिया था जबकि मंत्री गिरीश महाजन और अहमदनगर के पूर्व सांसद सुजय विखे पाटिल ने मंच पर उनके पैर भी छुए।
अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर तालुका में सरला बेट धाम के महंत रामगिरी महाराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनी विवादास्पद टिप्पणी का बचाव किया और कहा कि उनकी टिप्पणी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के जवाब में थी और उनका उद्देश्य हिंदू समुदाय के सदस्यों को एकजुट करना था।
रामगिरि महाराज ने अपने बयान पर उठे विवाद पर मराठी समाचार चैनल एबीपी माझा से कहा, “हिंदुओं को सतर्क रहना चाहिए। मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया। मैं इस पर कायम हूं और इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार हूं।”
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता इम्तियाज जलील ने दावा किया कि रामगिरि महाराज की टिप्पणी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने नासिक के येओला और छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर में रामगिरी महाराज के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं।
पुलिस ने बताया कि वैजापुर में एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 302 (किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर शब्द बोलना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता ने कहा, “रामगिरी महाराज के शब्दों से मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और दोनों समुदायों के बीच दरार पैदा हुई है।”
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में शुक्रवार को मुसलमानों का एक समूह थाने के बाहर जमा हो गया और पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए रामगिरी महाराज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद तनाव उत्पन्न हो गया।
जलील ने हिंदू धार्मिक नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शहर के पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये बयान जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की छवि खराब करने के लिए दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, “सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए यह जानबूझकर किया गया है। इसलिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
भाषा जितेंद्र