केंद्र ने नेता प्रतिपक्ष के पद का सम्मान नहीं किया : शरद पवार
शफीक नेत्रपाल
- 16 Aug 2024, 04:07 PM
- Updated: 04:07 PM
मुंबई, 16 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में अग्रिम पंक्ति में सीट नहीं दिए जाने को लेकर शुक्रवार को केंद्र पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह विपक्ष के नेता के पद का सम्मान नहीं कर रही है।
महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने दावा किया कि भले ही भाजपा को लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिला, लेकिन संविधान पर खतरा अभी टला नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) संसद का सम्मान नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री एक दिन के लिए भी सदन में नहीं आए।
पवार ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को संसदीय प्रक्रियाओं की कोई परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र ने नेता प्रतिपक्ष के पद का सम्मान नहीं किया। विपक्ष के नेता को पिछली पंक्ति में बैठाया गया।’’
पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री पद एक संस्था है और उसी प्रकार से नेता प्रतिपक्ष का पद भी एक संस्था है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखना होगा, इसी तरह विपक्ष के नेता की प्रतिष्ठा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
पवार ने कहा, ‘‘यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जुन) खरगे या राहुल गांधी की प्रतिष्ठा का सम्मान किया जाएगा क्योंकि सत्ता में बैठे लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास नहीं रखते हैं।’’
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की पंक्ति में बैठाया गया था जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कुंठा का द्योतक है और यह दिखाता है कि सरकार को लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक परंपराओं की कोई परवाह नहीं है।
पवार ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान वह विपक्ष के नेता थे, तो स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनके बैठने की व्यवस्था कैबिनेट मंत्रियों के साथ थी।
उन्होंने याद दिलाया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तो विपक्ष की नेता रहीं सुषमा स्वराज को कैबिनेट रैंक के अनुसार सीट दी गई थी।
भाषा शफीक