बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर 140 करोड़ भारतीय चिंतित : मोदी
देवेंद्र अविनाश
- 15 Aug 2024, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई कि हिंसा प्रभावित बांग्लादेश में हालात जल्द ही सामान्य होंगे। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय पड़ोसी देश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध है और वह बांग्लादेश की विकास यात्रा में उसका शुभचिंतक बना रहेगा।
बांग्लादेश में पिछले दिनों प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद से कई हिंदू मंदिरों, हिंदू समुदाय के लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की खबरें हैं। नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर शेख हसीना नीत सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद देश में अव्यवस्था का माहौल हो गया।
मोदी ने कहा, ‘‘बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है उसे लेकर पड़ोसी देश के नाते हमें चिंता होना स्वाभाविक है। मैं आशा करता हूं कि वहां हालात जल्द सामान्य होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खास तौर पर 140 करोड़ देशवासियों की चिंता यह है कि वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत हमेशा चाहता है कि पड़ोसी देश शांति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़े।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बांग्लादेश की विकास यात्रा में शुभचिंतक बना रहेगा। उनकी इस टिप्पणी को बांग्लादेश की नयी सरकार के साथ काम करने की भारत की तत्परता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा हमारा शुभ चिंतन ही रहेगा क्योंकि हम मानव जाति की भलाई सोचने वाले लोग हैं।’’
पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी बार है जब मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई।
गत आठ अगस्त को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मोहम्मद यूनुस को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने उस देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया था।
इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं को बिना किसी कारण के हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है और भारत की यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि उन्हें किसी भी तरह के अन्याय और अत्याचार का सामना न करना पड़े।
भागवत ने कहा, ‘‘हम अब स्थिति देख सकते हैं। पड़ोसी देश में काफी हिंसा हो रही है और वहां रहने वाले हिंदुओं को बिना किसी कारण के इसका सामना करना पड़ रहा है।’’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने छह अगस्त को संसद में एक बयान में कहा था कि भारत बांग्लादेश की स्थिति, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति को लेकर ‘‘बहुत चिंतित’’ है।
भाषा
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