आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ मामले में ममता ने राजनीतिक दलों पर लगाया अशांति फैलाने का आरोप
जितेंद्र माधव
- 15 Aug 2024, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
कोलकाता, 15 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों पर यहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप लगाया।
ममता ने कहा कि उन्हें छात्रों या चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल समस्याएं खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं।
ममता ने कहा, “पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुझे छात्रों या आंदोलनकारी चिकित्सकों से कोई शिकायत नहीं है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल हैं जो परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप वीडियो देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि क्या हुआ था।”
उल्लेखनीय है कि आधी रात के आसपास, प्रदर्शनकारियों के रूप में लगभग 40 लोगों का एक समूह अस्पताल में घुसा, आपातकालीन विभाग, नर्सिंग स्टेशन और दवा की दुकान में तोड़फोड़ की और सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। अस्पताल में जूनियर चिकित्सक नौ अगस्त से प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “अस्पताल की दो मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, दवाइयां लूट ली गईं और बुनियादी ढांचे और उपकरणों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।”
ममता ने कहा कि इसे फिर से बनाने में बहुत समय और पैसा लगेगा। बनर्जी ने तोड़फोड़ पर कहा, “कुछ बाहरी लोग जो राजनीति से जुड़े हैं और बंगाल में परेशानी पैदा करना चाहते हैं (वामपंथी और भाजपा) उन्होंने मिलकर इसे अंजाम दिया है।”
ममता ने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई को सभी सहायता प्रदान करेगी। सीबीआई को महिला चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच सौंपी गई है।
ममता स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजभवन गयीं थीं, जहां बाहर उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित किया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस की जांच में कमी का हवाला देते हुए मामले की जांच कोलकाता पुलिस से सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।
ममता ने कहा, “हमने (मामले से संबंधित) सभी दस्तावेज सीबीआई को उपलब्ध करा दिए हैं।”
उन्होंने कहा कि महिला चिकित्सक के साथ हुआ अपराध बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और पूरा देश परिवार के साथ सहानुभूति रखता है।
उन्होंने कहा, “कभी-कभार एक या दो घटनाएं हो जाती हैं। यह एक सामाजिक अभिशाप है।”
आंदोलनकारी चिकित्सकों से काम पर लौटने का अनुरोध करने वाले उच्च न्यायालय के आदेश की ओर इशारा करते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने भी कई मौकों पर चिकित्सकों से ऐसा करने का आग्रह किया है। राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में जूनियर चिकित्सक अपने सहकर्मी की नृशंस हत्या के विरोध में काम बंद कर चुके हैं और कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि इलाज के अभाव में कुछ मरीजों की मौत हो गई है। हालांकि, कुछ जूनियर चिकित्सक और वरिष्ठ प्रोफेसर आपातकालीन और ओपीडी में सेवाएं दे रहे हैं।”
ममता ने कहा कि अस्पताल में हुए हमले में पुलिस उपायुक्त समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा, “हालांकि, यह अच्छी बात है कि पुलिस ने संयम दिखाया और बल प्रयोग नहीं किया।”
भाषा जितेंद्र