मुख्यमंत्रियों ने किया ध्वजारोहण: हेमंत को बांग्लादेशी हिंदुओं की चिंता,स्टालिन ने की नई घोषणा
जितेंद्र संतोष
- 15 Aug 2024, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
गुवाहाटी/कोहिमा, 15 अगस्त (भाषा) विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्वतंत्रता दिवस पर बृहस्पतिवार को ध्वजारोहण के बाद जनता को संबोधित करने के दौरान अपनी-अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, तो स्टालिन और तमांग जैसे अन्य मुख्यमंत्रियों ने नई घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पड़ोसी देश में रहने वाले हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कूटनीतिक उपायों को तलाशने का आग्रह किया।
शर्मा ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कहा कि सभी ने एकजुट होकर राष्ट्र के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और कोई भी विभाजन नहीं चाहता था।
उन्होंने कहा, “मैं उनसे (मोदी से) सभी कूटनीतिक मार्गों का पता लगाने का अनुरोध करता हूं। मैं बांग्लादेश में हिंसा में मारे गए सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त करता हूं।”
शर्मा ने सीमा की सुरक्षा को संवैधानिक कर्तव्य बताते हुए बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करने और घुसपैठियों को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए बीएसएफ और असम पुलिस को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, “कोई भी भारत का विभाजन नहीं चाहता था। बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं ने भी एकजुट राष्ट्र के लिए लड़ाई लड़ी। हालांकि, भारत की राजनीतिक सत्ता के लिए जिम्मेदार लोगों ने मौलाबादी ताकतों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और हिंदू लोग बांग्लादेशी हिंदू और पाकिस्तानी हिंदू बन गए।”
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने स्वतंत्रता दिवस पर जनता को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार लंबे समय से चले आ रहे नगा राजनीतिक मुद्दे को सुलझाने में मदद करेगी।
रियो ने 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए नगा मुद्दे का जल्द समाधान खोजने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की निरंतरता फायदेमंद साबित हो सकती है।
रियो ने कहा, “हम जल्द समाधान तलाशने के लिए सभी हितधारकों के साथ बातचीत जारी रखेंगे।”
वहीं मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शांति बहाल करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि राज्य में 34 मान्यता प्राप्त जनजातियां हैं।
सिंह ने यहां प्रथम मणिपुर राइफल्स ग्राउंड में 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मौजूदा अशांति के लिए उन बाहरी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया, जो राज्य को अस्थिर करना चाहते हैं।
सिंह ने राज्य में जारी संघर्ष पर दोहराया कि मणिपुर सभी 34 मान्यता प्राप्त जनजातियों का है, जिनमें थाडू, हमार, सिमटे, मीतेई, तंगखुल, माओ, मरम, अनल और लामकांग शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “यह मणिपुर किसी एक समुदाय के लिए नहीं है। हम सभी को एकजुट और मजबूत भारत के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए।”
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को कम कीमत पर जेनरिक और अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ‘मुदालवर मरुंथगम’ (मुख्यमंत्री फार्मेसी) शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्रियों द्वारा तिरंगा फहराने की शुरुआत का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ही थे, जिन्होंने 1974 में केंद्र से मुख्यमंत्रियों को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिलाया था और यह राज्यों के लिए अधिक अधिकार हासिल करने के लिए एक तरह का स्वतंत्रता संग्राम भी था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगातार चौथे वर्ष राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर गर्व है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यहां रांची के मोरहाबादी मैदान में 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल अक्टूबर तक 35,000 पदों पर भर्तियां पूरी कर ली जाएंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में हजारों भर्तियां की हैं।
उन्होंने कहा, “झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आबकारी सिपाही, सिपाही, सहायक प्रोफेसर और महिला पर्यवेक्षक सहित 35,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जो अक्टूबर 2024 तक पूरी हो जाएगी।”
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चन्नपटना में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। चन्नपटना में उपचुनाव होना है और शिवकुमार के इस कदम के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख शिवकुमार न तो चन्नपटना का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही रामनगर जिले के प्रभारी मंत्री हैं। रामनगर जिले का नाम हाल ही में बेंगलुरु दक्षिण रखा गया है, जिसके अंतर्गत चन्नपटना तालुक आता है।
चन्नपटना में स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार भाग लेने वाले उपमुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में उपचुनाव लड़ने के पर्याप्त संकेत दिए हैं।
शिवकुमार वर्तमान में पड़ोसी कनकपुरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक वेब-आधारित एकीकृत भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन किया।
भूमि राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस प्रणाली का उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को अधिक कुशलतापूर्वक सुव्यवस्थित और प्रबंधित करना है।
तमांग ने पलजोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तिरंगा फहराने के बाद कहा कि सिक्किम राज्य की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाने के लिए राज्य सरकार ‘सुनाउलो सिक्किम, समृद्ध सिक्किम- समर्थ सिक्किम’ विषय के तहत एक वर्ष तक जारी रहने वाले समारोह का आयोजन करने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।
भाषा जितेंद्र