दिल्ली उपराज्यपाल कार्यालय ने कांग्रेस की शिकायत पर एमएलएएलएडी निधि योजना के खर्च का ब्योरा मांगा
देवेंद्र माधव
- 14 Aug 2024, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल सचिवालय ने कांग्रेस की शिकायत पर दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग को विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास (एलएडी) निधि योजना के तहत पिछले दो वर्षों में हुए व्यय समेत सभी ब्योरा एक सप्ताह के भीतर सौंपने को कहा है।
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने उपराज्यपाल कार्यालय पर विधायक निधि की ‘‘जांच’’ करके और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को ‘‘रोककर’’ शहर के विकास को लगातार बाधित करने का आरोप लगाया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव अभिषेक दत्त ने दो अगस्त को उपराज्यपाल को दी गई शिकायत में दावा किया कि सीवेज नालियों और पानी की पाइपलाइनों के सुधार के लिए एमएलएएलएडी निधि का इस्तेमाल न किए जाने से बड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी।
उपराज्यपाल के विशेष सचिव ने 12 अगस्त को लिखे पत्र में शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पांच दिन के भीतर एमएलएएलएडी निधि योजना का पूरा ब्योरा उपराज्यपाल सचिवालय को सौंपने को कहा है।
मांगी गई सूचना में योजना के उद्देश्य, पात्रता मानदंड और दिशानिर्देश शामिल हैं, ताकि योजना और इसके इस्तेमाल के बारे में व्यापक जानकारी मिल सके।
दत्त ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उनके पत्र पर जारी निर्देशों के लिए उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
दिल्ली नगर निगम के पूर्व पार्षद दत्त ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो में कहा कि उन्होंने एक बैठक के दौरान उपराज्यपाल से जलभराव और नालों से गाद न निकालने के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी कहा कि विधायक निधि योजना के तहत पिछले 10 वर्ष में दिल्ली के विधायकों को पानी की पाइपलाइन बिछाने, सीवरेज और जल निकासी जैसे कार्यों के लिए लगभग 70-100 करोड़ रुपये मिले हैं। लेकिन जलभराव, सीवर से बाहर निकलकर बह रहे पानी और गंदे पानी की आपूर्ति वर्तमान में दिल्ली में बड़ी समस्याएं हैं।’’
दत्त ने कहा कि शहर में नाले तो हैं, लेकिन उनमें से गाद नहीं निकाली गई है। उन्होंने दावा किया कि डिफेंस कॉलोनी नाले की पिछले आठ सालों में सफाई नहीं की गई है।
इस बीच ‘आप’ ने एक बयान में आरोप लगाया कि उपराज्यपाल कार्यालय दिल्ली में सभी विकास कार्यों को रोकने के लिए ‘‘लगातार प्रयास’’ कर रहा है।
‘आप’ ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल के ‘‘पसंदीदा अधिकारियों’’ ने दिल्ली जल बोर्ड को आवंटित 4,000 करोड़ रुपये और एमसीडी महापौर निधि के तहत सीवरलाइन, गाद निकालने, ट्यूबवेल लगाने से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए आवंटित 500 करोड़ रुपये रोक दिए।
पार्टी ने कहा कि किसी भी जांच का स्वागत है लेकिन इससे विकास कार्यों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
भाषा देवेंद्र