भाजपा विधायकों का आरोप-दिल्ली विधानसभा में बजट पर बोलने से रोका गया
धीरज पवनेश
- 09 Mar 2024, 10:45 PM
- Updated: 10:45 PM
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) उच्च न्यायालय से निलंबन रद्द होने के बाद दिल्ली विधानसभा के सत्र में हिस्सा ले रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा पेश बजट पर नहीं बोलने देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को सदन से बहिर्गमन किया।
विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने एक बयान में आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों का आचरण ‘बाधा उत्पन्न करने वाला’ था, जिससे विधायी कार्यवाही में अराजकता और रुकावट पैदा हुई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा विधायकों ने सदन में वित्तवर्ष 2024-25 के लिए पेश बजट पर मुख्यमंत्री के संबोधन को बाधित किया।
दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन 15 फरवरी को उपराज्यपाल के अभिभाषण में कथित व्यवधान डालने पर विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी को छोड़कर भाजपा के बाकी सात विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया था।
बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही ‘‘मनमाने और असंवैधानिक तरीके से’’ चला रहे हैं और विपक्ष को फिर से बजट पर अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भाजपा विधायक 17 दिनों के बाद सदन में लौटे, लेकिन उनके साथ ‘‘पक्षपातपूर्ण’’ व्यवहार किया गया, जो निंदनीय है। बिधूड़ी को भाजपा ने दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मोहन सिंह बिष्ट को विपक्ष का नया नेता नियुक्त किये जाने की जानकारी दी गयी है। हालांकि, सदन को संबोधित करने के लिए नाम पुकारे जाने के बावजूद उन्होंने कुछ नहीं बोला।
बिधूड़ी बजट पर चर्चा शुरू होने पर सदन में मौजूद नहीं थे। केजरीवाल ने जब अपना संबोधन शुरू किया तब भाजपा विधायकों ने विरोध किया और कहा कि कम से कम एक विपक्षी सदस्य को मुख्यमंत्री से पहले सदन को संबोधित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
बिष्ट ने सुझाव देने की कोशिश की कि रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए लेकिन अध्यक्ष ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया जिसके बाद भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने एक बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र की भावना के अनुरूप उन्होंने हमेशा विपक्षी विधायकों को उनकी वास्तविक संख्या के आधार पर बोलने के लिए उचित समय से अधिक समय दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दुर्भाग्य से वे हमेशा सदन की उचित कार्यवाही को बाधित करने में लगे रहते हैं। कथित पूर्वाग्रह का आरोप निराधार और तथ्यों से परे है। विधानसभा अध्यक्ष सदन के संचालन में निष्पक्षता सुनिश्चित करते हैं और संस्था की गरिमा को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।’’
बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार का बजट ‘दिशाहीन’ था और विपक्षी विधायकों को इसलिए बोलने से रोका गया क्योंकि वे सरकार को ‘बेनकाब’ कर देते।
भाषा धीरज