बीजद ने विधायकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी दी
ब्रजेन्द्र मनीषा
- 14 Aug 2024, 03:23 PM
- Updated: 03:23 PM
भुवनेश्वर, 14 अगस्त (भाषा) विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को कहा कि नवनिर्वाचित विधायकों के लिए ओडिशा विधानसभा की ओर से आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अगर बदलाव नहीं किया गया तो वह इसका बहिष्कार करेगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन 17 और 18 अगस्त को प्रस्तावित है।
ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में बीजद के 51 सदस्य हैं और उसने प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों को आमंत्रित किए जाने का विरोध किया है।
तय कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समारोह का उद्घाटन करेंगे जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
ओडिशा विधानसभा में बीजद के उप मुख्य सचेतक प्रताप केशरी देब ने बुधवार को कहा कि दोनों नेता सदन के सदस्य नहीं हैं।
आमतौर पर या तो मुख्यमंत्री, जो सदन का नेता होते हैं, या विधानसभा अध्यक्ष उद्घाटन और समापन सत्रों के मुख्य अतिथि बनते रहे हैं।
देब ने कहा कि इस बार इस परंपरा को तोड़ने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि यह भाजपा का कार्यक्रम है। यह उचित नहीं है कि मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के रहते बाहरी लोग (सदन के गैर सदस्य) कार्यक्रम को संबोधित करें।’’
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने अध्यक्ष से इस तरह के कदम से बचने की अपील की।
देब ने कहा कि अन्यथा बीजद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी।
बीजद के एक अन्य वरिष्ठ विधायक गणेश्वर बेहरा ने कहा कि कार्यक्रम में न केवल ओडिशा विधानसभा की परंपरा का उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि विपक्ष के नेता नवीन पटनायक को उचित सम्मान भी नहीं दिया जा रहा है।
विधानसभा के एक अधिकारी ने कहा कि विधायकों को सदन के कामकाज, विभिन्न समितियों के कामकाज, बजटीय प्रक्रिया, विशेषाधिकारों और सदस्यों के आचरण और राष्ट्रीय ई-विधान आवेदन (एनईवीए) के उपयोग से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं से परिचित कराने के लिए विधानसभा परिसर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम, कटक के सांसद भर्तृहरि महताब और राज्य के पूर्व मंत्री प्रफुल्ल घदाई और नरसिंह मिश्रा भी इस कार्यक्रम के दौरान नए विधायकों को संबोधित करने वाले हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ विधायक भी कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में भाग लेंगे।
ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 78, बीजद के 51, कांग्रेस के 14, तीन निर्दलीय और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक हैं। इनमें से 82 पहली बार चुने गए हैं।
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