भाजपा के शीर्ष नेताओं ने विभाजन विभीषिका दिवस पर बंटवारे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की
ब्रजेन्द्र मनीषा
- 14 Aug 2024, 11:36 AM
- Updated: 11:36 AM
नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और जे पी नड्डा सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर भारत के बंटवारे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वे एक सशक्त भारत के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं ताकि फिर कभी इस देश को ऐसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े।
देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जो देश के विभाजन से पैदा हुई परिस्थितियों में हिंसा और नफ़रत के शिकार हो गये। आज वर्षों बाद भी उसकी पीड़ा देश में महसूस की जाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन की उस विभीषिका को याद करके हम सभी लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नये, एकजुट और सशक्त भारत के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं, जिससे फिर कभी इस देश को ऐसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े।’’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1947 में भारत के विभाजन के दौरान अमानवीय पीड़ा से गुजरने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास को याद रखता है वह मजबूत भविष्य बना सकता है और एक शक्तिशाली देश के रूप में उभर सकता है।
ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन ने 1947 में आज ही के दिन भारत का बंटवारा कर दिया था, जिससे पाकिस्तान का एक नये राष्ट्र के रूप में जन्म हुआ था। बंटवारे के बाद बड़े पैमाने पर हुए दंगों में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और कई लोगों की जान चली गई थी।
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं जिन्होंने इतिहास के सबसे क्रूर प्रकरण के दौरान अमानवीय पीड़ाओं का सामना किया, जीवन खो दिया और बेघर हो गए।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘अपने इतिहास को स्मृति में बसाकर, उससे सीख लेकर ही एक राष्ट्र अपने मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकता है और एक शक्तिशाली देश के रूप में उभर सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से इस दिवस को मनाने की परंपरा राष्ट्रनिर्माण की ओर उठाया गया मजबूत कदम है।’’
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' 1947 के उस क्रूर घटनाक्रम का स्मरण कराता है, जब संसार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ का संदेश देने वाले हमारे महान राष्ट्र को ‘राजनीतिक स्वार्थ’ के लिए बांट दिया गया था।
उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों ने अत्यंत अमानवीय यातनाएं सही, पलायन के निर्दय कष्ट उठाए, अपने परिश्रम से कण-कण जोड़कर बनाए घर-द्वार, संपत्ति से वंचित हो गए, असंख्य लोगों ने जीवन खो दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाने का निर्णय हमें उन समस्त काले अध्याय व घटनाओं का स्मरण कराता है। यह हमारे महान राष्ट्र को अखंड, शक्तिशाली व महान होने की दिशा में अग्रसर करेगा।’’
केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि 1947 में धर्म के आधार पर हुआ देश का विभाजन भारतीय इतिहास का एक अमानवीय और काला अध्याय है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन सभी लोगों का स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्हें देश के विभाजन के समय अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी। देश इस विभाजन की विभीषिका कभी नहीं भूलेगा।’’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘‘विभाजन एक ऐसा कार्य था जिसके मानवीय परिणाम इसके भू-राजनीतिक परिणामों से मेल खाते थे। विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस पर, हम उन सभी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने अकल्पनीय दर्द और पीड़ा को सहन किया।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने 2021 में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के बारे में घोषणा करते हुए कहा था कि यह दिवस लोगों के संघर्ष और बलिदानों की याद में मनाया जाएगा क्योंकि बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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