गुजरात : भाजपा विधायक का इस्तीफा, पार्टी नेताओं से मुलाकात के बाद फैसले पर कर रहे पुनर्विचार
जितेंद्र रंजन
- 19 Mar 2024, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
वडोदरा, 19 मार्च (भाषा) गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक केतन इनामदार ने मंगलवार सुबह राज्य विधानसभा से इस्तीफा देने की घोषणा की लेकिन कुछ ही घंटों बाद गांधी नगर में राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
वडोदरा जिले की सावली विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक इनामदार ने विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को ईमेल के जरिये अपना त्याग पत्र सौंपा था। इनामदार ने इस्तीफा सौंपते वक्त ईमेल में लिखा था कि वह 'अंतरात्मा की आवाज' पर ऐसा कर रहे हैं और 'आत्मसम्मान' से बड़ा कुछ भी नहीं है।
दिसंबर 2022 में तीसरी बार विधायक के रूप में निर्वाचित होने वाले इनामदार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में दिन में संवाददाताओं से कहा था, “सत्तारूढ़ पार्टी में साधारण और पुराने कार्यकर्ताओं का ध्यान नहीं रखा गया है।
इनामदार ने यह भी कहा कि उनका कदम दबाव की रणनीति नहीं है और वह संसदीय चुनावों में वडोदरा सीट से भाजपा उम्मीदवार रंजन भट्ट की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।
वडोदरा लोकसभा सीट पर सात मई को चुनाव होगा।
संवाददाताओं को संबोधित करने के बाद इनामदार भाजपा की गुजरात इकाई के अध्यक्ष सीआर पाटिल और वडोदरा के लिए प्रभारी मंत्री हर्ष सांघवी से मिलने के लिए तुरंत राज्य की राजधानी गांधीनगर के लिए रवाना हो गये।
इनामदार ने मुलाकात के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य इकाई के शीर्ष नेतृत्व से कुछ मुद्दों पर चर्चा की है और उन्हें विश्वास है कि मुद्दे सुलझा लिये जाएंगे। इनामदार ने कहा कि वह अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार कर रहे हैं।
विधायक ने कहा, ''इस्तीफा देने का फैसला मेरी 'अंतरात्मा की आवाज' के सम्मान के रूप में था। एक पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैं, प्रदेशाध्यक्ष और प्रभारी मंत्री के साथ मामले पर चर्चा करने के बाद संतुष्ट हूं और मैं अपना इस्तीफा वापस लेने के बारे में सोच रहा हूं।''
इनामदार ने ज्यादा जानकारी न देते हुए सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पाटिल और वड़ोदरा प्रभारी मंत्री सांघवी के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा की।
इससे पहले भी उन्होंने जनवरी 2020 में विधायक पद से इस्तीफे की घोषणा की थी, लेकिन तब विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया था।
मंगलवार को अपना इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से इनामदार ने कहा कि यह दबाव की रणनीति नहीं है।
उन्होंने कहा, ''जैसा कि मैंने 2020 में कहा था, आत्मसम्मान से बड़ा कुछ नहीं है। यह आवाज़ अकेले केतन इनामदार की नहीं बल्कि पार्टी के हर एक कार्यकर्ता की है। मैंने पहले भी कहा है कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।''
भाजपा नेता ने कहा, "मैं यह सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम करूंगा कि लोकसभा चुनाव में (वडोदरा सीट से) हमारे उम्मीदवार रंजन भट्ट बड़े अंतर से जीतें। लेकिन यह इस्तीफा मेरी अंतरात्मा की आवाज का परिणाम है।"
साल 2020 में इस्तीफा देने के बाद इनामदार ने दावा किया था कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और मंत्री उनकी और उनके निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी कर रहे हैं और भाजपा के कई विधायक उनकी तरह "हताश" महसूस कर रहे हैं।
इनामदार ने पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और 2017 और 2022 में फिर विधानसभा पहुंचे।
गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीट में से भाजपा के पास फिलहाल 156 सीट हैं।
गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीट पर सात मई को एक ही चरण में मतदान होगा और मतगणना चार जून को होगी।
भाषा जितेंद्र