कोलकाता: महिला चिकित्सक के बलात्कार-हत्या मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली
शुभम आशीष
- 13 Aug 2024, 11:14 PM
- Updated: 11:14 PM
नयी दिल्ली/कोलकाता, 13 अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलकाता के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक महिला चिकित्सक के कथित बलात्कार और हत्या की जांच मंगलवार को अपने हाथ में ले ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एजेंसी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के कुछ ही घंटों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं, जिसमें राज्य पुलिस को मामले के दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ दिल्ली से सीबीआई अधिकारियों की एक टीम बुधवार को कोलकाता पहुंचेगी।
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने राज्य पुलिस को बुधवार सुबह 10 बजे तक केस डायरी सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।
सरकारी आरजी कर अस्पताल के सभागार में कथित तौर पर बलात्कार और हत्या की शिकार हुई स्नातकोत्तर प्रशिक्षु का शव शुक्रवार सुबह बरामद किया गया। इस सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
पीड़िता के माता-पिता ने मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई अन्य जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। इसमें कहा गया है कि पीड़िता की आंखों, मुंह और निजी अंगों से खून बह रहा था। उसके बाएं पैर, गर्दन, दाहिने हाथ, और होठों पर भी चोटें लगीं थीं।
कोलकाता पुलिस ने मामले में 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह 2019 में एक नागरिक स्वयंसेवक के रूप में कोलकाता पुलिस में शामिल हुआ था।
आरोपी एक प्रशिक्षित मुक्केबाज है और वह पिछले कुछ वर्षों में कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करीब आ गया था। इसके बाद उसे कोलकाता पुलिस कल्याण बोर्ड में स्थानांतरित कर दिया गया और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पुलिस चौकी में तैनात कर दिया गया।
राज्य के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अस्पताल अधिकारियों के साथ उसकी निकटता के कारण सभी विभागों तक उसकी पहुंच थी। किसी में भी अस्पताल के अंदर और आसपास उसकी बेरोकटोक आवाजाही को रोकने की हिम्मत नहीं थी।"
हालांकि आरोपी की मां मालती रॉय ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उनका बेटा "निर्दोष" है।
मामले में याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवज्ञानम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य पुलिस की जांच में "कुछ कमी है" और पूछा कि क्या मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष का बयान दर्ज किया गया था जिसपर राज्य के वकील ने ना कहा।
उच्च न्यायालय ने घोष के वकील से कहा कि वे घोष को लंबी छुट्टी पर जाने के लिए कहें अन्यथा वह उचित आदेश पारित करेगा।
भाषा शुभम