दिल्ली : भलस्वा कॉलोनी में अवैध निर्माण हटाने का अभियान विरोध के चलते स्थगित
शुभम मनीषा
- 13 Aug 2024, 05:28 PM
- Updated: 05:28 PM
नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा) दिल्ली नगर निगम ने मंगलवार को भलस्वा डेयरी में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने के लिए अपना अभियान स्थगित करते हुए उच्च न्यायालय में कहा कि वह मामले की अगली सुनवाई की तारीख 16 अगस्त तक यह अभियान शुरू नहीं करेगा।
नगर निगम की एक टीम मंगलवार को बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ उत्तर पश्चिमी दिल्ली की भलस्वा डेयरी कॉलोनी पहुंची जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्रित होने और एमसीडी के खिलाफ नारे लगाने के कारण अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने का अभियान रोक दिया गया। चूंकि एमसीडी ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि वह 16 अगस्त तक अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने संबंधी अभियान नहीं चलाएगी, इसलिए हमने इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।"
डेयरी कॉलोनी के निवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने मंगलवार को अदालत को बताया कि भारी पुलिस बल के साथ एमसीडी के बुलडोजर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने के लिए क्षेत्र में पहुंच गए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर 16 अगस्त को सुनवाई करेगी, जब वह शहर में डेयरियों की स्थिति के संबंध में एक याचिका पर भी सुनवाई करेगी।
एमसीडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि वह भलस्वा डेयरी कॉलोनी में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने संबंधी अभियान को 16 अगस्त तक रोक देगा।
इस बीच एमसीडी सिविल लाइंस जोन के उपायुक्त राजेश कुमार ने कहा कि मौके पर कम पुलिस बल की तैनाती के कारण अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने का अभियान रुका हुआ है। नगर निकाय ने आने वाले दिनों में अभियान के लिए अधिक बल की मांग की है।
कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "डेयरी पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी जिससे अभियान चलाना मुश्किल हो गया। हमने बाद में अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के लिए 500-600 पुलिसकर्मियों को बुलाने को कहा है।"
एमसीडी ने भलस्वा डेयरी कॉलोनी क्षेत्र में 800 अवैध संरचनाओं की पहचान की है, जिन्होंने डेयरी फार्मिंग के लिए आवंटित भूमि का आवासीय और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया है।
पिछले हफ्ते एक सार्वजनिक नोटिस में नगर निगम ने अतिक्रमण किए गए परिसर को खाली करने के लिए तीन दिन का 'अल्टीमेटम' दिया था। इसमें कहा गया था कि समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।
जुलाई में अदालत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी में सभी डेयरी कॉलोनियों में अनधिकृत निर्माण को हटा दिया जाए।
भाषा
शुभम