भंसाली ने कहा था कि मेरी आंखें देवदास जैसी हैं: शाहरुख खान
नोमान माधव
- 12 Aug 2024, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) अभिनेता शाहरुख खान का कहना है कि उन्हें लगता था कि उनकी छवि देवदास जैसे “हारे हुए और शराबी” की भूमिका निभाने की नहीं थी, लेकिन फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने कहा था कि वह फिल्म तभी बनाएंगे जब अभिनेता इस किरदार के लिए राजी होंगे।
स्विटजरलैंड में लोकार्नो फिल्म महोत्सव के 77वां संस्करण में सवाल-जवाब के सत्र के दौरान भंसाली के शब्द याद करते हुए खान ने कहा, “अगर आप इस फिल्म में नहीं हैं तो मैं यह फिल्म नहीं बनाऊंगा, क्योंकि आपकी आंखें देवदास जैसी हैं।”
खान लोकार्नो फिल्म महोत्सव में ‘पार्डो अला कैरियरा अवॉर्ड -लोकार्नो टूरिज़्म’ से सम्मानित होने वाले भारतीय फिल्म की पहली शख्सियत बन गए हैं।
भारतीय साहित्य और सिनेमा की सबसे लोकप्रिय कहानियों में से एक “देवदास” को शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के 1917 के उपन्यास से रूपांतरित किया गया है। इसपर हिंदी सिनेमा में 1936 पहली बार फिल्म बनाई गई थी जिसमें के एल सहगल मुख्य भूमिका में थे जबकि 1955 में बनी फिल्म में दिलीप कुमार ने यह किरदार निभाया था।
अपनी मां के साथ सिनेमाघर में दिलीप कुमार की फिल्म “देवदास” देखने की यादों को साझा करते हुए खान ने कहा कि उस समय वह इस किरदार से खुद को जोड़ नहीं पाए थे, क्योंकि यह “एक ऐसे लड़के की कहानी थी, जो शराब पीता है, एक लड़की के लिए प्रतिबद्ध नहीं है और चला जाता है।”
भंसाली को “हमारे समय के सबसे प्रतिभाशाली फिल्म निर्माताओं में से एक” बताते हुए अभिनेता ने रविवार को कहा कि निर्देशक ने कई सालों बाद उनसे इस भूमिका को निभाने के लिए संपर्क किया। भंसाली ने उनसे कहा, “मैं चाहता हूं कि आप देवदास की भूमिका करें।”
साल 2002 में आई इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन ने पारो, माधुरी दीक्षित नेने ने चंद्रमुखी और जैकी श्रॉफ ने चुन्नी बाबू की भूमिका निभाई थी।
खान ने बताया, “मैंने कहा, नहीं, वह एक असफल व्यक्ति है, एक शराबी है, मेरी छवि देवदास की भूमिका निभाने जैसी नहीं है। जाने से पहले, उन्होंने बस एक बात कही जो आज भी मेरे दिमाग में है। उन्होंने कहा, ‘मैं (भंसाली) यह फिल्म आपके साथ ही बनाऊंगा, क्योंकि आपकी आंखें देवदास जैसी हैं। एक साल तक उन्होंने किसी को भी फिल्म में शामिल नहीं किया। फिर, हम फिर मिले और मैंने फिल्म के लिए हां कह दी।”
उन्होंने बताया, “मैंने कहा, ठीक है, अगर आपको मेरी जैसी आंखें नहीं मिल सकती हैं, तो मैं फिल्म करूंगा। मुझे ऐश्वर्या और माधुरी के साथ काम करने का सौभाग्य मिला। उस किरदार को निभाना मेरे जीवन के सबसे शानदार अनुभवों में से एक था।”
भाषा नोमान