चिकित्सक मामला : चौथे दिन भी हड़ताल जारी, चिकित्सकों ने ममता की समयसीमा पर सवाल उठाया
योगेश आशीष
- 12 Aug 2024, 11:26 PM
- Updated: 11:26 PM
कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) कोलकाता के सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के जूनियर चिकित्सकों ने सोमवार को सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले को सुलझाने के लिए सात दिनों की समय-सीमा क्यों तय की।
उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
महिला चिकित्सक से कथित बलात्कार और उसकी हत्या की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल और जनाक्रोश के बीच सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वादा किया कि अगर पुलिस रविवार तक इस मामले को सुलझाने में विफल रहती है तो मामला सीबीआई को सौंप दिया जाएगा।
अपनी मांगों को लेकर जूनियर चिकित्सक, प्रशिक्षु और परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सकों की हड़ताल सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहने के कारण अस्पतालों में सेवाएं बाधित हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की दो सदस्यीय टीम सोमवार दोपहर कोलकाता पहुंची और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों तथा पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
कलकत्ता उच्च न्यायालय में कम से कम तीन जनहित याचिकाएं भी दायर की गईं, जिनमें मांग की गई कि जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को हस्तांतरित की जाए। मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ मंगलवार को इन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
बनर्जी के पारदर्शी जांच कराने के वादे के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में देरी की आलोचना की और मामले की न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही दोषियों के लिए मृत्युदंड और पीड़ित परिवार के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग की।
प्रदर्शनकारी जूनियर चिकित्सकों ने जांच के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों के लिए कोलकाता पुलिस से माफी मांगने की भी मांग की और जोर दिया कि अस्पताल के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया जाए और उन्हें कहीं और तैनात न किया जाए।
मामला सामने आने के बाद शुरू में, पुलिस ने संदेह जताया था कि यह आत्महत्या थी, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया।
एक प्रदर्शनकारी जूनियर चिकित्सक ने कहा, ‘‘जांच रविवार तक क्यों टाली जा रही है? हम जांच से नाखुश हैं। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। हम चाहते हैं कि मामले की न्यायिक जांच हो और दोषियों को मृत्युदंड मिले। पीड़िता के परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। हम यह भी चाहते हैं कि कोलकाता पुलिस जांच को लेकर फैली अफवाहों के लिए माफी मांगे।’’
वहीं, मुख्यमंत्री बनर्जी महिला चिकित्सक के घर गईं और उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर पुलिस रविवार तक इस मामले को सुलझाने में नाकाम रहती है, तो हम मामले को सीबीआई को सौंप देंगे। हालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी की सफलता दर बहुत कम है।’’
मुख्यमंत्री ने कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों का जिक्र किया जिन्हें सीबीआई ‘‘सुलझा नहीं सकी।’’ बनर्जी ने यह भी कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
पिछले तीन दिन से जूनियर चिकित्सक आपात ड्यूटी कर रहे थे लेकिन सोमवार सुबह से उन्होंने आपात सेवाएं भी रोक दी हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक प्रदर्शनकारी जूनियर चिकित्सक ने कहा, ‘‘हम अपनी सहकर्मी के हत्या मामले की पुलिस की मौजूदा जांच से असंतुष्ट हैं। न्याय मिलने तक और जब तक राज्य सरकार सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।’’
अस्पताल के अंदर शुक्रवार सुबह परास्नातक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव मिला था। इस मामले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो अस्पताल परिसर में अक्सर आने वाला एक बाहरी व्यक्ति था।
जूनियर चिकित्सकों ने राज्य सरकार को दोषियों पर मुकदमा त्वरित गति से चलाने और घोष को हटाने के लिए कहा था।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सेमिनार हॉल के पास लगे सीसीटीवी की फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
राज्य सरकार ने मरीजों की भीड़ से निपटने के लिए सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर दी है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वे मरीजों की भीड़ से निपट लेंगे। उन्हें स्थिति सामान्य होने तक काम करने का निर्देश दिया गया है।’’
प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों को देशभर के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिल रहा है। ‘फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (एफओआरडीए) ने हड़ताल का समर्थन किया है।
कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने कहा है कि जांच पूरी तत्परता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि यदि कोई अन्य अपराधी होगा तो उसे अगले चार से पांच दिनों में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
कोलकाता पुलिस ने सोमवार को सात डॉक्टरों और पांच अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया, जो गिरफ्तार नागरिक स्वयंसेवक के परिचित थे।
समन प्राप्त करने वालों में एक सहायक प्रोफेसर भी शामिल है, जो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कई लोगों को फोन करके डॉक्टर की मौत की सूचना दी थी।
पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अश्लील वीडियो देखा करता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति ने 2019 में नागरिक स्वयंसेवक के रूप में काम करना शुरू किया था। उसने कम से कम चार बार शादी की थी और कहा जा रहा है कि वह महिलाओं को गलत निगाह से देखता था।
अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कथित विफलता के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य संदीप घोष ने सोमवार को अपने पद और सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया।
घोष ने अपने त्यागपत्र में कहा, "मैं अब यह अपमान नहीं सह सकता। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। मुझे हटाने के लिए प्रदर्शन भड़काया गया है। इसके पीछे एक राजनीतिक साजिश है।"
भाषा योगेश