चिकित्सक मामला : आरजी कर अस्पताल के प्रधानाचार्य ने इस्तीफा दिया, चौथे दिन भी हड़ताल जारी
गोला मनीषा
- 12 Aug 2024, 02:26 PM
- Updated: 02:26 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे संस्थान के प्रधानाचार्य संदीप घोष ने अपने पद से सोमवार को सुबह इस्तीफा दे दिया। जूनियर चिकित्सकों ने अस्पताल कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने में नाकामी के लिए उनके इस्तीफे की मांग की थी।
पश्चिम बंगाल में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में और घटना की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर चिकित्सक, प्रशिक्षु और परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सकों की हड़ताल सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहने के कारण अस्पतालों में सेवाएं बाधित हैं।
घोष ने इस्तीफा तब दिया है जब एक दिन पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सह उप-प्रधानाचार्य संजय वशिष्ठ को हटा दिया और उनकी जगह छात्र मामलों की डीन प्रोफेसर बुलबुल मुखोपाध्याय को अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया।
पिछले तीन दिन से जूनियर चिकित्सक आपात ड्यूटी कर रहे थे लेकिन सोमवार को सुबह से उन्होंने आपात सेवाएं भी रोक दी हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एक प्रदर्शनरत जूनियर चिकित्सक ने कहा, ‘‘हम अपनी सहकर्मी के हत्या मामले की सीबीआई या किसी मौजूदा मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच कराना चाहते हैं। हम पुलिस की मौजूदा जांच से असंतुष्ट हैं। न्याय मिलने तक और जब तक राज्य सरकार सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की फुलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।’’
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अंदर शुक्रवार को सुबह परास्नातक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव मिला था। इस मामले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो अस्पताल परिसर में अक्सर आने वाला एक बाहरी व्यक्ति था।
जूनियर चिकित्सकों ने राज्य सरकार को दोषियों पर मुकदमा त्वरित गति से चलाने और घोष तथा वशिष्ठ को हटाने के लिए कहा था।
घोष ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह झूठे आरोप बर्दाश्त नहीं कर सकते और उन्होंने पुलिस के साथ सीसीटीवी फुटेज सौंपने समेत पूरा सहयोग किया है। घोष ने 2021 के मध्य में पदभार संभाला था।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह अपमान और बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरे खिलाफ लगाए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। मुझे हटाने के लिए एक छात्र आंदोलन भड़काया गया है। इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। मैंने घटना के एक घंटे के भीतर पुलिस को सूचित कर दिया था। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपी गयी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि प्रदर्शनकारी छात्र जल्द ही ड्यूटी पर लौटें।’’ घोष अपना इस्तीफा सौंपने के लिए खुद स्वास्थ्य भवन पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सेमिनार हॉल के पास लगे सीसीटीवी की फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
राज्य सरकार ने मरीजों की भीड़ से निपटने के लिए सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर दी है क्योंकि सोमवार को आमतौर पर बाह्यरोग विभागों में बड़ी संख्या में मरीज आते हैं।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वे मरीजों की भीड़ से निपट लेंगे। उन्हें स्थिति सामान्य होने तक काम करने का निर्देश दिया गया है।’’
प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों को देशभर के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिल रहा है। ‘फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (फोरडा) ने हड़ताल का समर्थन किया है और सोमवार को वैकल्पिक सेवाओं को रोकने का देशव्यापी आह्वान किया है।
‘पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम’ ने भी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर, महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले की जांच के लिए एक निष्पक्ष जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है। उसने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा तथा दोषी को मृत्युदंड देने की भी मांग की है।
भाषा गोला