चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : बंगाल में चौथे दिन भी अस्पतालों में हड़ताल जारी
गोला मनीषा
- 12 Aug 2024, 10:58 AM
- Updated: 10:58 AM
कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में और घटना की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर चिकित्सक, प्रशिक्षु और परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सकों की हड़ताल सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहने के कारण अस्पतालों में सेवाएं बाधित हैं।
सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन दिन से जूनियर चिकित्सक आपात ड्यूटी कर रहे थे लेकिन सोमवार को सुबह से उन्होंने आपात सेवाएं भी रोक दी हैं।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एक प्रदर्शनरत जूनियर चिकित्सक ने कहा, ‘‘हम अपनी सहकर्मी के हत्या मामले की सीबीआई या किसी मौजूदा मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच कराना चाहते हैं। हम पुलिस की मौजूदा जांच से असंतुष्ट हैं। न्याय मिलने तक और जब तक राज्य सरकार सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की फुलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।’’
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अंदर शुक्रवार को सुबह परास्नातक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव मिला था। इस मामले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो अस्पताल परिसर में अक्सर आने वाला एक बाहरी व्यक्ति था।
इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर दी है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वे मरीजों की भीड़ से निपट लेंगे। उन्हें स्थिति सामान्य होने तक काम करने का निर्देश दिया गया है।’’
सोमवार को राज्य सरकार के अस्पतालों के बाह्यरोग विभागों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे।
प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों को देशभर के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिल रहा है। ‘फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (फोरडा) ने हड़ताल का समर्थन किया है और सोमवार को वैकल्पिक सेवाओं को रोकने का देशव्यापी आह्वान किया है।
‘पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम’ ने भी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर, महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले की जांच के लिए एक निष्पक्ष जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है। उसने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा तथा दोषी को मृत्युदंड देने की भी मांग की है।
भाषा
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