बीएसएफ ने जम्मू में आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि के आलोक में दोनों राज्यों की सीमा पर सुरक्षा बढ़ायी
अमित रंजन
- 09 Aug 2024, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
(नीलाभ श्रीवास्तव)
जालंधर, नौ अगस्त (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर प्रमुख अतुल फुलजेले ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू में भारत-पाकिस्तान सीमा पर आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर बल ने सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए पंजाब-जम्मू अंतरराज्यीय सीमा पर जवानों की संख्या में भारी वृद्धि की है और सीसीटीवी लगाये हैं।
फुलजेले ने यहां फ्रंटियर मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पठानकोट जिले में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है, जो जम्मू से सटा हुआ है।
उन्होंने कहा, "हमने अब यहां पर अतिरिक्त तैनाती बिंदुओं के साथ नाके (पोस्ट) स्थापित किए हैं और बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाए हैं। हम इस क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क हैं।"
सुरक्षा उपायों में यह वृद्धि जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के मद्देनजर की गई है, जिसके कारण पिछले कुछ महीनों में 20 से अधिक सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों ने जान गंवाई है।
उन्होंने कहा कि हम रावी और सतलुज नदी क्षेत्रों पर भी "बड़ी संख्या में" क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे लगाकर अपना दबदबा बना रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में ओडिशा से बीएसएफ की दो बटालियन को जम्मू और पंजाब-जम्मू सीमा पर तैनात करने का आदेश दिया है।
पंजाब में मादक पदार्थ की सीमापार से तस्करी के खतरे के बारे में आईजी ने कहा कि तस्करी अब जमीन के रास्ते नहीं बल्कि ड्रोन के जरिए हवाई मार्ग से हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस सीमा पर ड्रोन के खतरे के बारे में उनके विश्लेषण से पता चलता है कि ड्रोन उड़ाना "राज्य प्रायोजित तत्वों और अधिकारियों की मौन सहमति और अनुमति के बिना" संभव नहीं, जो इन नशीले पदार्थों, हथियारों और गोला-बारूद से लदे मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को भारत और पंजाब में भेज रहे हैं।
आईजी ने कहा, "पंजाब में सीमा पार से आने वाले सभी मादक पदार्थ अब ड्रोन के जरिए आ रहे हैं।’’
फुलजेल ने कहा कि उन्होंने यह भी देखा है कि पिछले साल अक्टूबर से बड़े ड्रोन आने बंद हो गए हैं और अब छोटे ड्रोन, जो बहुत कम आवाज करते हैं और दिखाई नहीं देते हैं, पाकिस्तान से भारत भेजे जा रहे हैं।
आईजी ने कहा कि बीएसएफ ने विश्लेषण किया और ड्रोन का गहराई से "पता लगाने" के लिए एक नयी रणनीति अपनाई और उन्हें उनके द्वारा गिराये जाने वाले सामान हेरोइन, पिस्तौल और गोलियों के साथ बरामद किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कई ड्रोन हैं जिन्हें हम पकड़ने में "चूक" सकते हैं क्योंकि वे एक किलोमीटर से भी अधिक ऊंचाई पर उड़ते हैं, लेकिन हम तकनीक और जनशक्ति का उपयोग करके उनमें से काफी संख्या में पकड़ने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने पाकिस्तानी समकक्षों को राजनयिक माध्यम समेत सभी उपलब्ध साधनों के माध्यम से इस बारे में सूचित किया है, लेकिन वे "आम तौर पर इनकार की मुद्रा में रहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर बीएसएफ ने पंजाब सीमा पर कुछ "निवारक उपाय" भी किए हैं, लेकिन अब तक इस कारण से चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में, हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर पंजाब सीमा के 553 किलोमीटर क्षेत्र में 10 अगस्त से "ऑपरेशन अलर्ट" मोड पर रहेंगे।’’
पंजाब अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए बीएसएफ के पास लगभग 20 बटालियन हैं जिनमें 21,000 से अधिक कर्मी हैं ।
भाषा अमित