मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में द्रमुक का एक पूर्व पदाधिकारी गिरफ्तार
जितेंद्र संतोष
- 09 Mar 2024, 07:18 PM
- Updated: 07:18 PM
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को कहा कि उसने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह की जांच के सिलसिले में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के निष्कासित पदाधिकारी जाफर सादिक को गिरफ्तार किया है।
एक आकलन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़ा यह मामला दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का है।
एनसीबी के उपमहानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि सादिक के तार तमिल और हिंदी फिल्म जगत से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि कुछ 'हाई प्रोफाइल' लोगों के साथ-साथ राजनीतिक वित्तपोषण के कुछ मामले एजेंसी की जांच के दायरे में हैं।
सूत्रों ने बताया कि लाखों के लेन-देन के संबंध में एनसीबी जल्द ही द्रमुक के एक आला दर्जे के नेता को पूछताछ के लिए समन जारी कर सकती है।
सिंह ने बताया कि सादिक को खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। सिंह ने कहा कि मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल अंतरराष्ट्रीय गिरोह भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मलेशिया तक फैला है जिसका सरगना सादिक है।
उन्होंने बताया, ''एनसीबी निष्पक्ष और कानूनी तरीके से जांच करने में विश्वास रखती है। एक अपराधी की कोई जाति, धर्म या राजनीतिक पार्टी नहीं होती। जो कोई भी स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम का उल्लंघन करता है, वह अपराधी है और हम ऐसे किसी भी मामले की जांच करेंगे।''
जब सिंह से पूछा गया कि क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति एजेंसी की जांच के दायरे में है, जिसके जवाब में उन्होंने कहा, ''हम इस मामले में मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त पैसे के लेन-देने की जांच करेंगे।''
उन्होंने बताया कि इस मामले के संबंध में एजेंसी ने फरवरी में दिल्ली में छापेमारी की थी, जिसके तुरंत बाद सादिक छिप गया था और हिरासत में लिए जाने से पहले वह चेन्नई से तिरुवनंतपुरम, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और जयपुर गया था।
सादिक का पूरा नाम जाफर सादिक अब्दुल रहमान है और एनसीबी ने पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया था।
तमिल फिल्मों के निर्माता सादिक को सत्तारूढ़ द्रमुक से हाल में निष्कासित किया गया था।
एजेंसी ने मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से सादिक के कथित संबंधों का खुलासा किया था और इसके बाद उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
सिंह ने बताया कि सादिक ने एनसीबी से कहा था कि वह द्रमुक की एनआरआई शाखा की चेन्नई पश्चिम इकाई का उपसंगठक था।
राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) इस मुद्दे पर लगातार द्रमुक को निशाना बना रहे हैं।
पिछले महीने एनसीबी ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और दिल्ली के एक गोदाम पर छापेमारी करके 50 किलोग्राम मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन ‘स्यूडोएफेड्राइन’ जब्त किया था।
वर्ष 2023 के अंत में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने भारत से ‘भारी मात्रा’ में तस्करी करके उनके देशों में लाई जा रही स्यूडोएफेड्राइन के बारे में गोपनीय जानकारी दी थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और एनसीबी ने छापेमारी की थी।
एनसीबी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों ने कथित तौर पर बताया था कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने स्यूडोएफेड्राइन की कुल 45 खेप भेजी हैं, जिसमें लगभग 3,500 किलोग्राम मादक पदार्थ था और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत दो हजार करोड़ रुपये से अधिक थी।
अन्नाद्रमुक ने आरोप लगाया कि द्रमुक शासन में राज्य मादक पदार्थ का अड्डा बन गया है।
भाषा जितेंद्र