राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग के साथ बैठक में जम्मू-कश्मीर में तत्काल विस चुनाव कराने की मांग की
नोमान अविनाश
- 08 Aug 2024, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
श्रीनगर, आठ अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित समय-सीमा के नजदीक आने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश के राजनीतिक दलों और जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रमुखों के साथ बृहस्पतिवार को बैठकें कीं और चुनाव कराने के लिए उनसे प्रतिक्रिया ली।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में टीम सुबह यहां पहुंची और शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी (जेकेपीपी) सहित पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
राजनीतिक दलों के सभी प्रतिनिधियों ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल विधानसभा चुनाव कराने की मांग की।
आयोग के प्रतिनिधिमंडल में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एस एस संधू भी शामिल हैं। टीम जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने और राजनीतिक दलों से प्रतिक्रिया लेने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर यहां आई है।
जम्मू-कश्मीर में 2014 के बाद से विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं। 2018 में तत्कालीन पूर्ण राज्य की विधानसभा के भंग होने के बाद चुनाव 2019 की शुरुआत में होने थे।
हालांकि, अगस्त 2019 में जम्मू- कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद, विभिन्न कारणों से विधानसभा चुनाव नहीं हो सके, जिसमें परिसीमन कवायद भी शामिल था जो 2022 में पूरा हुआ।
आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकों के बाद पत्रकारों से बातचीत में राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि वे केंद्र शासित प्रदेश में तत्काल विधानसभा चुनाव कराने की मांग पर एकमत हैं।
उन्होंने यह भी मांग की कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली के लिए चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। आयोग द्वारा अब तक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है।
भारतीय जनता पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने तत्काल विधानसभा चुनाव कराने की वकालत की। पार्टी के प्रवक्ता आर एस पठानिया ने कहा, “हमने निर्वाचन आयोग से कहा कि हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं।”
उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि चुनाव शीर्ष अदालत द्वारा तय समयसीमा के अंदर हों।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के कश्मीर मंडल के अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने किया। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तत्काल विधानसभा चुनाव की मांग की है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमारी एकमात्र मांग यह है कि जम्मू-कश्मीर के लोग अब अपनी सरकार चाहते हैं। हमने निर्वाचन आयोग से कहा कि आप यहां कई बार आए और हमने आपसे मुलाकात की, लेकिन अब इस पर कोई ठोस फैसला होना चाहिए।”
वानी ने कहा, ‘‘हमने कहा कि 2018 से जम्मू-कश्मीर में कोई सरकार नहीं है और पिछले 10 वर्षों से विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं।’’
उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आयोग से कहा कि एक उपराज्यपाल, उनके एकमात्र सलाहकार और कुछ नौकरशाह केंद्र शासित प्रदेश को नहीं चला सकते।
वानी ने कहा कि राजनीतिक, विकासात्मक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान तभी हो सकता है जब लोगों के पास अपने प्रतिनिधि हों। उन्होंने कहा कि आयोग ने “हमें आश्वासन दिया है कि इस बार चुनाव होंगे।”
कांग्रेस नेता जी एन मोंगा ने संवाददाताओं से कहा, “हम खुद को लोकतंत्र की जननी कहते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग पिछले कई साल से चुनाव से वंचित हैं। यहां लोकतंत्र फलना-फूलना चाहिए और चुनाव जल्द होने चाहिए।”
मोंगा ने कहा कि पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के साथ जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य पर भी चर्चा की।
पीडीपी के प्रतिनिधिमंडल की आयोग से मुलाकात के बाद पार्टी नेता खुर्शीद आलम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जब सरकार कहती है कि स्थिति सुधर गई है और बेहतर है, जब एक करोड़ पर्यटक यहां आए और जब संसदीय चुनाव और (अमरनाथ) यात्रा बिना किसी घटना के संपन्न हुई, तो चुनाव न कराने का क्या औचित्य है।”
आलम ने कहा कि समय की मांग है कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र बहाल हो। पीडीपी नेता ने कहा, “देश लोकतंत्र में विश्वास करता है, इसलिए हमें तुरंत चुनाव कराने चाहिए।” उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से इस पर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
राजनीतिक नेताओं से मुलाकात के बाद, आयोग की टीम ने केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव तैयारियों पर एक बैठक में उपायुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों से प्रतिक्रिया प्राप्त की।
आयोग की टीम अपने दौरे के दूसरे चरण के तहत जम्मू रवाना होने से पहले शुक्रवार सुबह मुख्य सचिव अटल डुल्लू और पुलिस महानिदेशक आर आर स्वैन के साथ बैठक करेगी।
आयोग की टीम का दौरा 10 अगस्त को जम्मू में समाप्त होगा, जहां वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक करेगी। वह एक प्रेस वार्ता भी करेगी।
भाषा नोमान