राज्यसभा में केरल के सदस्यों ने की राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग
मनीषा अविनाश
- 08 Aug 2024, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा में बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उनके अनुरोध तथा समस्याएं धरी की धरी रह गईं और बजट में केवल कुछ राज्यों को ही प्राथमिकता दी गई। केरल से उच्च सदन में आए सदस्यों ने राज्य में एम्स की स्थापना किए जाने तथा वायनाड में हुए भूस्खलन को देखते हुए राज्य के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य पी पी सुनीर ने कहा कि बजट में बेरोजगारी, महंगाई, कर राहत आदि के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। उन्होंने कहा कि केरल के साथ अन्याय हुआ है क्योंकि राज्य को बजट में राज्यों के लिए निर्धारित राशि में से दो फीसदी से भी कम राशि मिली जबकि उत्तर प्रदेश को 80 प्रतिशत राशि दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार को समर्थन देने वाले जद (यू) तथा तेदेपा शासित राज्यों को विभिन्न मदों में भरपूर राशि दी गई लेकिन केरल को उसकी जरूरी मदों की राशि से भी वंचित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि केरल के लिए कोई विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई जबकि राज्य समाज कल्याण सहित हर क्षेत्र में आगे है।
उन्होंने केंद्र पर केरल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में एम्स की स्थापना की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।
केसी (एम) के जोस के मणि ने कहा कि 2014 में जब राजग सरकार सत्ता में आई थी तब उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हषवर्द्धन को केरल में ‘एम्स’ की स्थापना के लिए अभ्यावेदन दिया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में बार बार अनुरोध किया गया और आश्वासन भी मिला ‘‘लेकिन आज तक एम्स नहीं मिला।’’
उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक नजरिये से नहीं सोचना चाहिए क्योंकि केरल के स्वास्थ्य ढांचे की ख्याति दुनिया भर में है।
मणि ने रबड़ किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे मुश्किल में हैं और उन्हें उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि रबड़ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य के वायनाड में हाल में हुए भूस्खलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य करना होगा जिसके लिए केंद्र की ओर से विशेष पैकेज दिया जाना चाहिए।
भाजपा के परमार जसवंतसिंह सालमसिंह ने कहा कि सरकार ने पिछले 10 साल में गरीब, युवा, किसान सहित विभिन्न वर्गों के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) को सरकार की एक प्रमुख उपलब्धि बताया और कहा कि इससे सरकारी योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और भ्रष्टाचार खत्म हुआ है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से अगले पांच साल में 20 लाख युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की योजना सराहनीय है।
सालमसिंह ने कहा कि हाल ही में सिकलसेल के बारे में सदन में चर्चा हुई। उन्होंने कहा ‘‘इस बीमारी का इलाज बहुत महंगा है और पूरा परिवार बुरी तरह परेशान हो जाता है। इस स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना और गुजरात सरकार की योजना ‘मुख्यमंत्री अमृतम कार्ड’ से करीब दस लाख रुपये की मदद मिलती है जो जरूरत के समय बेहद उपयोगी साबित होती है।’’
इसी पार्टी के महेंद्र भट्ट ने कहा ‘‘आज देश में कई अच्छे पुल, सड़कें और सीमाई राज्यों में ‘ऑल वेदर रोड’ विकास की राह में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।’’
उच्च सदन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले भट्ट ने कहा ‘‘मैं पहाड़ का रहने वाला हूं। हमारे यहां पलायन होता था तो मुख्य कारण सड़कें और बेरोजगारी होते थे। आज इन दोनों कारणों का समाधान मिल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सैनिकों का सम्मान करती है। रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब हमें दूसरे देशों से कुछ नहीं मांगना पड़ता।
उन्होंने कहा ‘‘अग्निपथ योजना में शामिल होने के बाद जब युवा अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करके आएंगे तो ज्यादातर राज्यों ने उनके कल्याण के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया है।’’
भाजपा की सीमा द्विवेदी ने कहा कि वित्त विधेयक 2047 की नींव है और हर हिंदुस्तानी को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है।
उन्होंने कहा ‘‘नरेन्द्र मोदी भारत के ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो होली, दीपावली का पर्व सीमा पर जवानों के साथ मनाते हैं। इससे उनका हौसला बढ़ता है। मोदी ने न केवल जवानों का मनोबल बढ़ाया बल्कि देश को भी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। इस आत्मनिर्भरता से रोजगार भी जुड़ा हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि मोदी ने देश को विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए मेहनत करना और स्वस्थ रहना जरूरी है और प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना तथा कैंसर की दवाओं को शुल्क मुक्त किया जाना इसी राह में उठाया गया एक कदम है।
आईयूएमएल के हारिस बीरन ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन बहुत बड़ी समस्या है जिसके परिणाम बाढ़, सूखा, भूस्खलन, बादल फटने आदि के रूप में सामने आ रहे हैं। ‘‘ये प्रभाव स्थानीय स्तर पर साफ नजर आ रहे हैं और केंद्र सरकार इनसे बचाव के लिए, इनसे प्रभावित होने वालों के लिए कुछ कर सकती है। बजट में ऐसे लोगों के लिए आवंटन की व्यवस्था की जानी चाहिए। वायनाड को आज इस तरह के आवंटन की बहुत जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आवंटन का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा ‘‘विमानों के किराये पर लगाम नहीं लगाई जा रही है। सरकार के पास इस पर नियंत्रण का अधिकार है।’’
उन्होंने कहा ‘‘इंडेक्सेशन प्रक्रिया मध्यम वर्ग को बुरी तरह प्रभावित करेगी जिनके पास राहत वाली बात उनकी जमीन ही होती है।’’
भाजपा के सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि वह अपनी बात रखने से पहले पश्चिम बंगाल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने कहा कि भट्टाचार्य ने बेहद सादगीपूर्ण जीवन जिया लेकिन पश्चिम बंगाल के विकास के लिए अथक परिश्रम किया।
उन्होंने कहा कि आज बंगाल में विकास के नाम पर कुछ नजर नहीं आता। उन्होंने कहा ‘‘विपक्ष विरोध केवल इसलिए करता है क्योंकि उसे भाजपा सरकार का विरोध करना है।’’
उन्होंने कहा ‘‘आज जो वामपंथी कांग्रेस के साथ हैं उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर हमेशा कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की। ’’
भाषा
मनीषा