भारतीय वायुयान विधेयक आम आदमी के बजाय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के इरादे से लाया गया: कांग्रेस
सुरेश सुरेश वैभव
- 08 Aug 2024, 06:46 PM
- Updated: 06:46 PM
नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय वायुयान विधेयक आम आदमी की जरूरतों को पूरा करने के बजाय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के इरादे से लाया गया है।
कांग्रेस के सांसद अदूर प्रकाश ने सदन में भारतीय वायुयान विधेयक 2024 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह विधेयक आम आदमी की जरूरतों को पूरा करने के बजाय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने पर अधिक केंद्रित है।
उन्होंने हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि की भी आलोचना की और कहा कि खासकर खाड़ी देशों में अपनी आजीविका कमाने जाने वाले श्रमिकों की आय की दृष्टि से उनपर भारी बोझ है।
उन्होंने कहा, ‘‘केरल में ज्यादातर कम आय वाले कर्मचारी हैं, जो किराया वहन नहीं कर सकते। मैं किराये बढ़ोतरी की समीक्षा के लिए (सरकार से) हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं।’’
उन्होंने विमानन क्षेत्र की विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उड़ानों में देरी और उड़ानों को रद्द किया जाना विमान यात्रियों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि ये उद्योग वैश्विक उत्सर्जन में तीन प्रतिशत का योगदान देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अधिक आबादी वाले, सैन्य शक्ति में तीसरे और आर्थिक शक्ति में पांचवें देश के रूप में, हमें जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि आठ हवाई अड्डों का स्वामित्व रखने वाला एक व्यावसायिक समूह हवाई अड्डों को संभालने वाली सबसे बड़ी निजी इकाई बन गया है, जिससे हाल के वर्षों में उसका एकाधिकार हो गया है।
उन्होंने कहा, "यह विधेयक आम आदमी की जरूरतों को पूरा करने के बजाय उद्योगपतियों को खुश रखने का एक मात्र साधन प्रतीत होता है।"
सत्तापक्ष की ओर से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी ने भारत और विश्व स्तर पर हवाई यात्रा के विकास पर एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य प्रदान किया।
उन्होंने उल्लेख किया कि 1990 तक, पायलटों के लिए अधिकांश निजी प्रशिक्षण एयरो क्लबों के माध्यम से आयोजित किए जाते थे।
रुडी ने सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा, "यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसे 30 वर्षों से आजमाया जा रहा है।"
उन्होंने भारत के कानूनों को वैश्विक मानकों के साथ संरेखित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विमान पट्टे पर देने से संबंधित उद्योग को लाभ होगा।
रुडी ने विमानन बुनियादी ढांचे में, विशेषकर बिहार जैसे राज्यों में, सुधार का भी आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमें बिहार में एक नये हवाई अड्डे की आवश्यकता है।"
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