मेरे सहयोगियों से पूछिए कि क्या मैं मुख्यमंत्री के चेहरे के लिए ठीक हूं: ठाकरे
हक नेत्रपाल
- 07 Aug 2024, 09:02 PM
- Updated: 09:02 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को इस बात का संकेत दिया कि वह अक्टूबर में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने के लिए तैयार हैं।
ठाकरे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और ‘इंडिया’ गठबंधन के कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात भी की।
मुलाकात के दौरान ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य और राज्यसभा सदस्य संजय राउत भी थे।
बैठक के बाद खरगे ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के किसान और युवा अवसरवादी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से तंग आ चुके हैं। महाराष्ट्र के 13 करोड़ लोग बदलाव की ओर देख रहे हैं।’’
खरगे ने ठाकरे के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘महाराष्ट्र के किसान और नौजवान अवसरवादी भाजपा गठबंधन से परेशान हैं। महाराष्ट्र की 13 करोड़ जनता बदलाव की ओर देख रही है।’’
राहुल गांधी ने कहा कि एमवीए एकजुटता के साथ विधानसभा चुनाव लड़ेगा और जीतेगा।
कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात से पहले ठाकरे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर मेरे सहयोगियों (एमवीए में) को लगता है कि मैंने उत्कृष्ट काम किया है, तो उनसे पूछें कि क्या वे मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। लोग फैसला करेंगे।’’
ठाकरे ने एमवीए की सरकार में ढाई साल तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। बाद में उनकी पार्टी शिवसेना में बगावत के बाद यह सरकार गिर गई थी।
उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात की, जिन्होंने वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद एमवीए गठबंधन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कोविड-19 महामारी के दौरान महाराष्ट्र का नेतृत्व करने वाले ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कभी राज्य का मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था।
एमवीए गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘उनसे पूछें कि क्या वे मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था, न ही मैं बनना चाहता था। लेकिन मैं जिम्मेदारी से भागने वालों में से भी नहीं हूं। मैंने जिम्मेदारी ली और अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ कामकाज करने की कोशिश की।’’
ठाकरे ने कहा, ‘‘अगर मेरे सहयोगियों को लगता है कि मैंने उत्कृष्ट काम किया है, तो उनसे पूछें कि क्या वे मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। लोग फैसला करेंगे।’’
उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के लोकसभा सदस्य आदित्य यादव सहित अन्य से भी मुलाकात की।
उनका बृहस्पतिवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलने का कार्यक्रम है।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख ने कहा कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं से मिलने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन के नेताओं की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई थी।
सांगली से निर्दलीय लोकसभा सदस्य विशाल पाटिल ने भी यहां ठाकरे से मुलाकात की।
एमवीए गठबंधन के सीट बंटवारे के तहत सांगली संसदीय सीट शिवसेना (यूबीटी) को दिए जाने के बाद विशाल पाटिल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी छोड़ दी।
ठाकरे ने कहा, ‘‘अगर कोई गलती हुई है तो मैं उनमें से नहीं हूं जो द्वेष पालता रहूं।’’
उन्होंने कहा कि सांगली सीट पर शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार के हार जाने से वह आहत हैं, लेकिन इस बात से खुश हैं कि भाजपा भी हार गई।
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