कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, असम को बाढ़ राहत के रूप में सबसे अधिक धनराशि मिली: सरकार
अविनाश
- 07 Aug 2024, 06:38 PM
- Updated: 06:38 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले दो वर्षों (2022-2024) में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और असम को राहत और पुनर्वास के लिए सबसे अधिक आवंटन किया गया है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि 2022-24 में बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित कर्नाटक के लिए केंद्र की उच्च स्तरीय समिति द्वारा 941 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश और असम के लिए क्रमश: 873 करोड़ रुपये और 594 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में एनडीआरएफ से कर्नाटक को 939 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 812 करोड़ रुपये और असम को 160 करोड़ रुपये जारी किए गए।
राय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में तमिलनाडु को बाढ़ और चक्रवात के बाद राहत और पुनर्वास के लिए 276 करोड़ रुपये, सिक्किम को बाढ़ और भूस्खलन के लिए 267 करोड़ रुपये तथा नगालैंड को 68 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 2024-25 के दौरान 31 जुलाई, 2024 तक मिजोरम और मणिपुर में चक्रवाती तूफान रेमल, असम में बाढ़ और भूस्खलन और केरल में भूस्खलन के कारण हुए नुकसान का मौके पर आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) गठित किए गए हैं। मिजोरम और मणिपुर ने एनडीआरएफ से क्रमशः 216.73 करोड़ और 711.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए ज्ञापन प्रस्तुत किए हैं।
गृह राज्य मंत्री राय ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ से अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर स्थापित प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जाता है। राज्य एनडीआरएफ से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग के लिए अपना ज्ञापन तैयार करते समय, आम तौर पर निर्धारित मानदंडों से परे व्यय का आकलन करते हैं।"
राय ने कहा कि एनडीआरएफ के तहत धन तत्काल राहत के लिए प्रदान किया जाता है, न कि दीर्घकालिक पुनर्वास और पुनर्वास कार्यों के लिए। उन्होंने कहा कि राज्यों द्वारा प्रस्तुत मांगों और केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत राशि में भिन्नता का यही कारण है।
उन्होंने कहा कि राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) का आवंटन समय-समय पर संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत स्थापित क्रमिक वित्त आयोगों की सिफारिशों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ से सहायता का वितरण दिशानिर्देशों और सहायता के मदों और मानदंडों के अनुसार होता है, जिन्हें राज्यों सहित सभी हितधारकों के परामर्श से तैयार किया जाता है।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार दिशानिर्देशों की शर्तों को पूरा करने पर, स्थापित प्रक्रिया के अनुसार दो बराबर किस्तों (1 जून और 2 दिसंबर) में राज्य सरकारों को एसडीआरएफ का अपना हिस्सा जारी करती है।
भाषा मनीषा