‘एक्स’ ने रजत शर्मा से जुड़ी अपमानजनक सामग्री को वैश्विक स्तर पर हटाने का विरोध किया
आशीष पवनेश
- 07 Aug 2024, 05:55 PM
- Updated: 05:55 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ कॉर्प ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि पत्रकार रजत शर्मा द्वारा अपमानजनक माने जाने वाले पोस्ट को सभी देशों से हटाने का निर्देश अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रों के बीच सद्भावना के सिद्धांतों के विपरीत होगा तथा अन्य सभी देशों की संप्रभुता का उल्लंघन होगा।
‘एक्स’ ने शर्मा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया है। ‘एक्स’ ने कहा कि यह दलील कि अदालत यह तय कर सकती है कि अन्य सभी देशों के लोग कौन सी सूचना देख सकते हैं, इसका अर्थ यह होगा कि पाकिस्तान और चीन की अदालतें, पाकिस्तान या चीन के कानूनों के आधार पर यह निर्देश दे सकती हैं कि भारत के नागरिक इंटरनेट पर क्या देख सकते हैं और क्या नहीं।
हलफनामे में कहा गया, ‘‘विदेशी अदालत द्वारा दिया गया ऐसा आदेश भारतीय नागरिकों के अधिकारों में हस्तक्षेप करेगा, जिन पर उस विदेशी अदालत का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस प्रकार, याचिकाकर्ता की दलील से अस्वीकार्य परिणाम सामने आएंगे।’’
‘एक्स’ ने कहा, ‘‘इस अदालत को यह मानना चाहिए कि प्रतिवादी संख्या-एक (एक्स) ने भारत में यूआरएल को जियो-ब्लॉक करके रोक के आदेश का अनुपालन किया है।’’ सोशल मीडिया कंपनी ने यह भी कहा कि ‘एक्स’ भारत के अपने अधिकार क्षेत्र में उसके कानूनों को लागू करने के अधिकार का पूरी तरह से सम्मान करता है।
‘एक्स’ ने कहा कि भारत में पोस्ट को प्रतिबंधित करने के विपरीत, सभी देशों में पोस्ट को हटाने का निर्देश देना, अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रों के बीच सद्भावना के सिद्धांतों के विपरीत होगा। मंगलवार को दाखिल हलफनामे में कहा गया, ‘‘अन्य सभी देशों में यूआरएल हटाने का आदेश भारत के बाहर, जैसे कि अमेरिका में लागू नहीं किया जाएगा।’’
हलफनामे में दावा किया गया कि ‘एक्स’ को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने का शर्मा का प्रयास निरर्थक है, क्योंकि अन्य वेबसाइट ने वैश्विक स्तर पर उस वीडियो को नहीं हटाया है, जिसे उन्होंने सेंसर करने की मांग की थी।
शुरुआत में, शर्मा ने मानहानि का मुकदमा दायर किया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो को हटाने तथा कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और रागिनी नायक को उनके खिलाफ आरोप लगाने से रोकने की मांग की।
पत्रकार ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव परिणाम वाले दिन उनके शो के दौरान ‘‘अभद्र भाषा’’ के इस्तेमाल पर कांग्रेस नेताओं द्वारा उनकी मानहानि की गई।
बाद में, शर्मा ने अवमानना याचिका दायर कर दावा किया कि कांग्रेस नेताओं और ‘एक्स’ ने जानबूझकर न्यायिक आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें उनके खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया गया था।
अवमानना याचिका पर अपने जवाब में ‘एक्स’ ने कहा कि यूआरएल को ‘हटाने’ या ‘ब्लॉक’ करने के निर्देश के लिए वैश्विक स्तर पर पोस्ट को हटाने या उन्हें दुनिया में हर इंसान के लिए पहुंच से दूर बनाने की आवश्यकता नहीं है। याचिका को 22 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
यह विवाद तब पैदा हुआ जब नायक ने चार जून को टेलीविजन पर शो में एक बहस के दौरान शर्मा पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। शर्मा इंडिपेंडेंट न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड (इंडिया टीवी) के अध्यक्ष और प्रधान संपादक हैं।
शर्मा के वकील ने कहा था कि बहस चार जून की शाम को चैनल पर हुई थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने 10 और 11 जून को पोस्ट करना शुरू किया। उन्होंने तर्क दिया था कि शो का एक क्लिप प्रसारित किया गया जिसमें एक अपमानजनक शब्द डाला गया, जबकि मूल फुटेज में ऐसी कोई सामग्री नहीं थी।
भाषा आशीष