गोयल ने बिम्सटेक समूह के सदस्यों को प्रस्तावित एफटीए पर पुनर्विचार करने का दिया सुझाव
निहारिका अजय
- 07 Aug 2024, 05:16 PM
- Updated: 05:16 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बिम्सटेक के सातों सदस्य देशों को मुक्त व्यापार समझौता वार्ता की प्रगति पर पुनर्विचार करने का बुधवार को सुझाव दिया। वार्ता काफी धीमी गति से जारी है।
उन्होंने कहा कि सदस्य देश पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते के बजाय अधिमान्य व्यापार समझौते पर बातचीत करने के बारे में सोच सकते हैं।
बिम्सटेक बहुआयामी सहयोग के लिए दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों को एक साथ लाता है। यह दक्षिण एशिया के पांच देशों (बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, भारत और श्रीलंका) और दक्षिण पूर्व एशिया के दो देशों (म्यांमा और थाइलैंड) को जोड़ता है।
यह समूह 2004 से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत कर रहा है। अभी तक 20 से अधिक दौर की बातचीत हो चुकी है। 2018 में आखिरी बातचीत हुई थी।
सीआईआई बिम्सटेक व्यापार शिखर सम्मेलन 2024 में गोयल ने कहा, ‘‘ मैं कुछ बुनियादी मुद्दे उठाना चाहूंगा...हम कहां खड़े हैं और इस मुक्त व्यापार समझौते को वास्तविकता बनाने की क्या संभावनाएं हैं।’’
उन्होंने कहा कि समझौते के लिए अभी तक 22 दौर की वार्ता हो चुकी है और इससे यह सवाल उठता है कि क्या ‘‘ हमें रुककर इस बात पर पुनर्विचार करने की जरूरत है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।’’
मंत्री ने कहा कि आखिरी वार्ता करीब छह वर्ष पहले हुई थी जिसका मतलब है कि कुछ ऐसा है जो इस मुक्त व्यापार समझौते में अवरोध बन रहा है।
उन्होंने कहा कि धीमी प्रगति का कारण गैर-व्यापार बाधाएं या सामान्य व्यापार के रास्ते में आने वाली व्यापार बाधाएं हो सकती हैं। बिम्सटेक क्षेत्र पर अन्य क्षेत्रीय एफटीए का संभावित प्रभाव देरी का कारण हो सकता है।
मंत्री ने कहा, ‘‘ व्यापारिक प्रथाएं या वर्तमान व्यापार संबंध इस एफटीए के न होने का कारण हो सकते हैं।’’
उन्होंने सातों देशों के उद्योग जगत के लोगों से इस पहलू पर भी विचार करने को कहा कि क्या उन्हें इस समझौते की आवश्यकता है।
मंत्री ने सदस्य देशों को व्यापार असंतुलन को संतुलित करने के लिए स्थानीय मुद्राओं में व्यापार पर विचार करने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं व्यापारिक नेताओं से भी आग्रह करूंगा कि वे संभावित बिम्सटेक एफटीए के बारे में अपनी राय ईमानदारी से रखें। क्या आपको इसमें कोई पात्रता नजर आती है, क्या आपको इसमें कोई मूल्य नजर आता है?’’
व्यापारिक समुदाय से प्राप्त प्रतिक्रिया से राजनेताओं को इस पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) से कहा कि वे आगे आकर प्रस्तावित समझौते पर चर्चा करें और अगले साल के शिखर सम्मेलन तक अपनी सिफारिशें पेश करें।
उन्होंने कहा, ‘‘ शायद हम पूर्ण एफटीए नहीं तो पीटीए (तरजीही व्यापार समझौता) से शुरुआत कर सकते हैं... आइए यथार्थवादी संभावना पर गौर करें और तेजी से आगे बढ़ें।’’
श्रीलंका, म्यांमा और थाइलैंड सहित सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने एफटीए वार्ता को शीघ्र पूरा करने की बात कही, क्योंकि इससे क्षेत्र में व्यापार तथा निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
वित्त वर्ष 2023-24 में बहु-क्षेत्रीय तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग (बिम्सटेक) देशों के साथ भारत का कुल व्यापार 44.32 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था।
गोयल ने कहा कि बिम्सटेक देशों के बीच व्यापार अब भी ‘‘कम’’ है और इसकी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
उन्होंने क्षेत्रीय एकीकरण और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने तथा निष्पक्ष शर्तों पर व्यापार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस क्षेत्र में स्थानीय मुद्राओं में भुगतान पर विचार कर सकते हैं। ’’
उन्होंने कहा कि भारत इस समूह के सदस्यों को अपनी प्राथमिकता के रूप में देखता है, ‘‘ हमारे लिए यह पहला पड़ाव है क्योंकि हम आशा करते हैं कि हमारे मित्र देश भारत पर भरोसा करते हैं और उसे एक मित्र और एक विश्वसनीय पड़ोसी के रूप में देखते हैं।’’
निर्यात के बारे में पूछे जाने पर वाणिज्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश का वस्तु एवं सेवा निर्यात 800 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
बांग्लादेश में व्याप्त राजनीतिक उथल-पुथल पर गोयल ने कहा, ‘‘ हम सभी बांग्लादेश में उत्पन्न स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम बांग्लादेश के लोगों की भलाई की कामना करते हैं तथा हम बांग्लादेश के लोगों के वास्ते सुचारू परिवर्तन और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हैं।’’
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