भाजपा ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के बयान को ‘अराजकतावादी’ करार दिया
राजकुमार प्रशांत
- 07 Aug 2024, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
नयी दिल्ली,सात अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के उस बयान को ‘अराजकतावादी’ करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश जैसे हालात भारत में भी पैदा हो सकते हैं।
खुर्शीद ने मंगलवार रात एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा था कि ‘‘ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ सामान्य लगे’’, लेकिन बांग्लादेश में जो हो रहा है वह भारत में भी हो सकता है।
इस कार्यक्रम में मौजूद रहे कांग्रेस के एक अन्य नेता शशि थरूर ने बुधवार को कहा कि वह नहीं बता पायेंगे कि खुर्शीद के कहने का मतलब क्या था लेकिन बांग्लादेश ने जो बड़ा संदेश दिया है, वह लोकतंत्र तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के महत्व के बारे में है।
भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य अनुराग ठाकुर ने खुर्शीद की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी पार्टी लगातार तीन लोकसभा चुनावों में हार का सामना करने के बाद देश को ‘अराजकता’ की ओर धकेलना चाहती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की इस तरह की ‘बेतुकी टिप्पणियां’ पार्टी की मानसिकता को दर्शाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को पीछे धकेलने के लिए ‘कुछ भी’ करने को तैयार है।
उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस बार-बार देश में संकट फैलाने की कोशिश करती रही है, कभी चुनाव से पहले तो कभी चुनाव के बाद। कांग्रेस देश को अराजकता में धकेलना चाहती है।’’
उन्होंने कांग्रेस से देश में ‘डर, भ्रम और अफवाह फैलाना बंद’ करने का आह्वान किया।
पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर आम भेजे जाने के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा, ‘‘कुछ लोगों को उत्तर प्रदेश के आम पसंद नहीं हैं, भले ही वे उत्तर प्रदेश से सांसद चुने गए हों। उन्हें पाकिस्तान के आम पसंद हैं... आम वहीं से आएंगे जहां से उन्हें प्यार है।’’
उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘लेकिन जब वह दक्षिण भारत से (लोकसभा) चुनाव जीतकर आए तो उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों में भी खामियां निकालीं। वह अब भी उत्तर प्रदेश के आमों की मिठास नहीं देख सकते। उन्हें पाकिस्तान के आम पसंद हैं।’’
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक गंभीर मुद्दा है। जब हम पड़ोसी देशों में ऐसे हालत देख रहे है, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस चाहती है कि भारत में भी ऐसी ही स्थिति हो।’’
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने भी खुर्शीद की निंदा करते हुए उनकी टिप्पणी को ‘अराजकतावादी’ करार दिया।
रूडी ने कहा,‘‘ वह कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। यह अराजकतावादी बयान है और मुझे लगता है कि यह एक प्रकार का राजद्रोह है। कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस प्रकार की अराजकतावादी बयानबाजी का सहारा ले रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
खुर्शीद के बयान पर पात्रा ने पूछा कि क्या यह कांग्रेस की तरफ से चेतावनी है।
पात्रा ने कहा, ‘‘ सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस की तरफ से यह चेतावनी दी है। पुस्तक विमोचन समारोह में शशि थरूर सहित अन्य नेता भी मौजूद थे और एक तरह से उन्होंने जो कहा , यह उसका समर्थन है।’’
पात्रा ने प्रश्न किया,‘‘कांग्रेस पार्टी की सोच क्या है? राहुल गांधी कहते थे कि इस देश में आगजनी होगी, दंगे होंगे, प्रधानमंत्री पर हमले होंगे, वह ऐसा क्यों कह रहे थे।’’
उन्होंने विदेश यात्राओं के दौरान गांधी की ‘भारत विरोधी’ टिप्पणियों पर भी सवाल उठाया।
पात्रा ने कहा,‘‘ क्या देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भारत में भी यही चाहती है? वे चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं इसलिए वे इस तरह की अराजकता को बढ़ावा देकर अपनी हताशा निकाल रहे हैं और देश को विनाश की ओर धकेल रहे हैं। कांग्रेस की यह साजिश जनता के सामने उजागर हो चुकी है।’’
खुर्शीद के बयान के संबंध में कांग्रेस नेता शशि थरूर से प्रश्न किया गया। इस पर उन्होंने कहा,‘‘ आपको उनसे ही पूछना होगा कि वास्तव में उनके कहने का मतलब क्या था। दूसरे के बयान पर टिप्पणी करने का काम मेरा नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ वैसे सामान्य तौर पर कहूं तो बांग्लादेश ने जो बड़ा संदेश दिया है वह लोकतंत्र के महत्व के संबंध में, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संबंध में, पारदर्शिता, लोगों को तंत्र में शामिल करने और यह सुनिश्चित करने के संबंध में है कि लोकतंत्र की सभी संस्थाएं निष्पक्ष रूप से काम करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब ऐसा होगा तो इस तरह की घटनाएं होने की संभावना बहुत कम होंगी।’’
बांग्लादेश विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ कई हफ्तों से जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच, पिछले 15 साल से सत्ता में रहीं शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के कारण अभूतपूर्व राजनीतिक संकट से जूझ रहा है।
भाषा राजकुमार