विनेश के सुनहरे ओलंपिक सफर का दुखद अंत, वजन अधिक होने से अयोग्य घोषित
मोना सुधीर नमिता
- 07 Aug 2024, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
(अमनप्रीत सिंह)
पेरिस, सात अगस्त (भाषा) सेमीफाइनल जीतने के बाद विनेश ने कहा था ,‘ कल बड़ा दिन है , कल बात करूंगी ।’ लेकिन किसे पता था कि उनके साथ पूरे देश की उम्मीदें यूं सौ ग्राम के बोझ तले दब जायेंगी ।
पेरिस ओलंपिक में देश को स्वर्ण दिलाने से एक जीत की दूरी पर खड़ी विनेश फोगाट 50 किलोवर्ग के फाइनल में वजन के लिये खड़ी हुई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला जिससे वह अपने कैरियर के सबसे बड़े दिन अयोग्य करार होकर ओलंपिक से बाहर हो गई ।
मंगलवार को तीन कठिन मुकाबलों के बाद शरीर में पानी कमी के बावजूद विनेश ने केवल ‘थोड़ी मात्रा में पानी’ पिया, अपने बाल कटवाए और पूरी रात जागकर कसरत की ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अपने वजन की निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो जाए।
भारतीय अधिकारियों ने सौ ग्राम वजन कम करने के लिये लाख गुहार लगाई लेकिन नियम बदला नहीं जा सकता था । इससे विनेश का ओलंपिक में सुनहरा सफर यूं दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से खत्म हो गया ।
विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था । सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी ।
मंगलवार को तीन कठिन मुकाबलों के बाद शरीर में पानी कमी के बावजूद विनेश ने केवल ‘थोड़ी मात्रा में पानी’ पिया, अपने बाल कटवाए और पूरी रात जागकर कसरत की ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अपने वजन की निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो जाए।
विनेश जब ओलंपिक खेल गांव के एक पोली क्लिनिक में हुई घटनाओं के भावनात्मक और शारीरिक आघात उबर रहीं थी तब दूर नयी दिल्ली में एक विवाद शुरू हो गया, जहां राजनेताओं ने इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कटाक्ष किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया पोस्ट में ‘चैंपियनों के बीच चैंपियन’ कहते हुए उनका समर्थन किया, और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि वैश्विक संचालन संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेस्लिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के समक्ष ‘कड़ा विरोध’ दर्ज कराया गया है।
हालांकि विपक्षी दलों को इस पूरे मामले में साजिश की आशंका है। विनेश हाल ही में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर ‘सरकार की निष्क्रियता’ के खिलाफ विरोध का चेहरा थीं।
इंडिया गुट के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन भी किया। लेकिन इस पूरे नाटक के बीच एक सपना टूट गया और पूरा देश सदमे में है, कई लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि मंगलवार के शानदार प्रदर्शन करने वाली पहलवान के लिए कुछ ही घंटों में हालात इतने खराब कैसे हो सकते हैं।
विनेश तीसरी बार ओलंपिक में हिस्सा ले रहीं थी। रियो 2016 में पहले ओलंपिक में उन्हें करियर को खतरे में डालने वाली चोट के कारण स्ट्रेचर पर ले जाया गया था जबकि तोक्यो में दूसरा ओलंपिक भी शुरुआत में अप्रत्याशित हार से निराशाजनक रहा।
29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी ।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा ने एक बयान में कहा ,‘‘ मैने खेलगांव पोली क्लीनिक में विनेश से मुलाकात की । उन्हें आश्वस्त किया कि भारतीय ओलंपिक संघ, भारत सरकार और पूरा देश उनके साथ है । हम उन्हें पूरा चिकित्सा और भावनात्मक सहयोग दे रहे हैं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ भारतीय कुश्ती महासंघ ने यूडब्ल्यूडब्ल्यू में अपील कर दी है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाये । आईओए उस पर नजर रखे हुए है ।’’
विनेश ने पहले ही मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन युइ ससाकी को हराया था । उन्हें फाइनल में अमेरिका की सारा एन हिल्डब्रांट से खेलना था ।
विरोध और अपील जारी है लेकिन सेमीफाइनल में विनेश से हारने वाली क्यूबा की युसनेलिस गुजमैन लोपेज अब उनकी जगह फाइनल खेलेगी ।
भारतीय दल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनशॉ पर्डीवाला ने कहा कि विनेश को निर्धारित वजन के भीतर लाने की हरसंभव कोशिश की गई ।
उन्होंने कहा ,‘‘ इसके तहत खाने पीने में कटौती, पसीना बहाने वाले व्यायाम और सौना बाथ भी दिया गया । इससे उसकी ऊर्जा खत्म हो गई और उसे कमजोरी लग रही थी । ऊर्जा बहाल करने के लिये थोड़ा पानी और ऊर्जा देने वाला खाना दिया गया । कई बार प्रतिस्पर्धा के बाद रिबाउंड वजन बढ भी जाता है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मुकाबले के बाद उसका वजन बढ गया था । कोच ने वजन कम करने की सामान्य प्रक्रिया अपनाई और लगा कि लक्ष्य हासिल हो जायेगा । उसके बाल भी काटे गए लेकिन उसका वजन कम नहीं हुआ ।’’
युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियमों के अनुसार पहलवान को वजन कराने की अवधि में कई बार अपना वजन कराने का अधिकार होता है । नियम के अनुसार)‘‘ अगर कोई खिलाड़ी पहली और दूसरी बार वजन कराने के समय उपस्थित नहीं होता या अयोग्य होता है तो उसे स्पर्धा से बाहर कर दिया जायेगा और वह आखिरी स्थान पर रहेगा । उसे कोई रैंक नहीं मिलेगी ।’’
पेरिस ओलंपिक आयोजन समिति ने एक बयान में कहा ,‘‘ विनेश दूसरे दिन कराये गए वजन में अयोग्य पाई गई । अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के नियमों की धारा 11 के अनुसार विनेश (भारत) की जगह उस पहलवान को दी जायेगी जिसे उसने सेमीफाइनल में हराया था । इसी वजह से क्यूबा की युसनेलिस गुजमैन लोपेज को फाइनल खेलने का मौका दिया गया है ।’’
इसमें कहा गया ,‘‘ जापान की युइ सुसाकी और यूक्रेन की ओकसाना लिवाच के बीच रेपेचेज मुकाबला कांस्य पदक का होगा ।’’
विनेश के बाहर होने का मतलब है कि 50 किग्रा वर्ग में अब केवल एक कांस्य पदक मिलेगा जबकि सामान्य तौर पर दो कांस्य पदक दिए जाते हैं जिनका फैसला हारने वाले सेमीफाइनलिस्ट और दो रेपेचेज राउंड के विजेताओं के बीच मुकाबलों के बाद होता है।
इससे पहले इटली की एमैन्युएला लियुजी को भी वजन अधिक पाये जाने के कारण पहले दौर का मुकाबला गंवाना पड़ा था ।
भारतीय कुश्ती दल इस घटनाक्रम से मायूस है । विनेश ने ओलंपिक से पहले कहा था कि यह उनका आखिरी ओलंपिक है और अब देखना है कि वह फैसला बदलती है या नहीं ।
भारत के राष्ट्रीय महिला कोच वीरेंदर दहिया ने कहा ,‘ हर किसी को लग रहा है मानो घर में कोई मर गया हो । हमें नहीं पता कि हमें क्या हुआ है । हर कोई सदमे में है ।’’
अगर पहलवान के शरीर का वजन भारवर्ग से अधिक है तो उस स्तर तक लाना काफी दर्दनाक प्रक्रिया है ।
विनेश के शरीर का वजन 56 . 57 किलो है और उसे 50 किलो तक आने में काफी प्रयास लगे ।
आमंत्रण टूर्नामेंट में यूडब्ल्यूडब्ल्यू दो किलो की छूट देता है लेकिन ओलंपिक, विश्व चैम्पियनशिप और एशियाई चैम्पियनशिप में नहीं ।
वजन कम करने के लिये खिलाड़ी दो दिन तक खाना और पानी के बिना भी रह जाते हैं । मुक्केबाज निकहत जरीन ने पेरिस ओलपिक में हार के बाद कह था कि भारवर्ग में रहने के लिये उसने दो दिन तक खाना या पानी नहीं लिया जिससे वह कमजोरी महसूस कर रही थी ।
इस बीच भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के पेरिस ओलंपिक से बाहर होने के बाद उनके साथ जुड़े सहयोगी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि फाइनल से पहले वजन को दायरे में नहीं रखने की गलती स्वीकार्य नहीं है।
विनेश बेल्जियम के अपने निजी कोच वोलेर अकोस के साथ ट्रेनिंग कर रही हैं और उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी मानसिक अनुकूलन कोच वेन लोम्बार्ड के साथ भी काम किया है।
संजय ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह विनेश की गलती नहीं है। वह शानदार प्रदर्शन कर रही थी। कोच, सहयोगी स्टाफ, फिजियो और पोषण विशेषज्ञों को पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें हर समय उस पर ध्यान देना चाहिए था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसा कुछ नहीं हो। यह कैसे हुआ और वह कैसे वजन सीमा से अधिक हो गया इसकी जांच होनी चाहिए।’’
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं भारत सरकार से सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने बढाया हौसला :
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा से तफ्सील से जानकारी ली और विभिन्न विकल्पों के बारे में भी पूछा । उन्होंने विनेश की मदद के लिये इस फैसले के खिलाफ सख्त विरोध दर्ज कराने के लिये भी कहा है ।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विनेश की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि वह भारत का गौरव हैं और उन्हें मजबूती से वापसी करनी है ।
उन्होंने एक्स पर लिखा ,‘‘ विनेश आप चैम्पियनों में चैम्पियन हो । आप भारत का गौरव हो और हर भारतीय के लिये प्रेरणास्रोत हो ।’’
उन्होंने आगे लिखा ,‘‘ आज के झटके से दुख पहुंचा है । काश मैं शब्दों में बता पाता कि इस समय कितना मायूस हूं । लेकिन मुझे पता है कि आप फिर वापसी करोगी । चुनौतियों का डटकर सामना करना आपके स्वभाव में है । मजबूती से वापसी करो । हम सभी आपके साथ हैं ।’’
भाषा मोना सुधीर