‘शक्ति के खिलाफ लड़ाई’ संबंधी राहुल के बयान पर विवाद
सिम्मी रंजन
- 18 Mar 2024, 11:38 PM
- Updated: 11:38 PM
जगतियाल (तेलंगाना)/नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘‘शक्ति के खिलाफ लड़ाई’’ वाली टिप्पणी पर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पलटवार करते हुए कहा कि हर मां और बेटी उनके लिए ‘‘शक्ति’’ का रूप है और वह उनके लिए अपनी जान की बाजी लगा देंगे।
प्रधानमंत्री ने तेलंगाना और कर्नाटक में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में ‘‘शक्ति के विनाशकों और ‘शक्ति के उपासकों’’ के बीच लड़ाई होगी।
मोदी ने रविवार को मुंबई में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की रैली में की गयी राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा जिसके बाद कांग्रेस नेता ने स्पष्टीकरण दिया कि वह किसी धार्मिक शक्ति की नहीं, बल्कि अधर्म, भ्रष्टाचार और झूठ की 'शक्ति' की बात कर रहे थे।
गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बातों का अर्थ बदलने की कोशिश की है, जबकि उन्होंने जिस शक्ति का उल्लेख किया था, उसका ‘मुखौटा’ मोदी खुद हैं।
राहुल गांधी ने सोमवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी जी को मेरी बातें अच्छी नहीं लगतीं, किसी न किसी तरह उन्हें घुमाकर वह उनका अर्थ हमेशा बदलने की कोशिश करते हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि मैंने एक गहरी सच्चाई बोली है। जिस शक्ति का मैंने उल्लेख किया, जिस शक्ति से हम लड़ रहे हैं, उस शक्ति का मुखौटा मोदी जी हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह एक ऐसी शक्ति है, जिसने आज, भारत की आवाज को, भारत की संस्थाओं को, सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी, चुनाव आयोग, मीडिया, भारत के उद्योग जगत, और भारत के समूचे संवैधानिक ढांचे को ही अपने चंगुल में दबोच लिया है।’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘उसी शक्ति के लिए नरेन्द्र मोदी जी भारत के बैंकों से हजारों करोड़ के कर्ज माफ कराते हैं, जबकि भारत का किसान कुछ हजार रुपयों का कर्ज न चुका पाने पर आत्महत्या करता है। उसी शक्ति को भारत के बंदरगाह, भारत के हवाई अड्डे दिये जाते हैं, जबकि भारत के युवा को अग्निवीर का तोहफा दिया जाता है जिससे उसकी हिम्मत टूट जाती है।’’
उन्होंने यह आरोप लगाया, ‘‘उसी शक्ति को दिन रात सलामी ठोकते हुए देश की मीडिया सच्चाई को दबा देती है। उसी शक्ति के गुलाम नरेन्द्र मोदी जी देश के गरीब पर जीएसटी थोपते हैं, महंगाई पर लगाम न लगाते हुए, उस शक्ति को बढ़ाने के लिए देश की संपत्ति को नीलाम करते हैं।’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘उस शक्ति को मैं पहचानता हूं, उस शक्ति को नरेन्द्र मोदी जी भी पहचानते हैं, वह किसी प्रकार की कोई धार्मिक शक्ति नहीं है, वह अधर्म, भ्रष्टाचार और असत्य की शक्ति है। इसलिए जब-जब मैं उसके खिलाफ आवाज उठाता हूं, मोदी जी और उनकी झूठों की मशीन बौखलाती है, भड़क जाती है।’’
राहुल गांधी ने रविवार को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के समापन के अवसर पर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक रैली में कहा था, ‘‘हिन्दू धर्म में शक्ति शब्द होता है। हम शक्ति से लड़ रहे हैं...एक शक्ति से लड़ रहे हैं। अब सवाल उठता है कि वह शक्ति क्या है? जैसे किसी ने यहां कहा कि राजा की आत्मा ईवीएम में है। सही है...सही है कि राजा की आत्मा ईवीएम में है... हिंदुस्तान की हर संस्था में है। ईडी में है, सीबीआई में है, आयकर विभाग में है।’’
राहुल की इसी टिप्पणी को हथियार बना प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के जगतियाल में रैली के दौरान विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा।
रैली में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए मोदी ने उन्हें शक्ति स्वरूपा कहकर संबोधित किया और कहा कि वे शक्ति का रूप धारण कर उन्हें आशीर्वाद देने आई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद रविवार को मुंबई में ‘इंडी’ (इंडिया) गठबंधन की ‘सबसे महत्वपूर्ण’ रैली थी और उस रैली में उन्होंने अपना घोषणापत्र जाहिर किया।
मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा है कि उनकी लड़ाई ‘शक्ति’ के खिलाफ है। मेरे लिए हर मां-बेटी शक्ति का रूप है। मैं आपकी शक्ति के रूप में पूजा करता हूं। भारत मां का पुजारी हूं। मैं आप शक्ति स्वरूपा सब बहन बेटियों का पुजारी हूं और जिन्होंने कल शिवाजी पार्क में... जिस ‘इंडी अलायंस’ ने अपने घोषणापत्र में शक्ति को खत्म करने के लिए कहा है... मैं इस चुनौती को स्वीकार करता हूं। मैं शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों के लिए जान की बाजी लगा दूंगा... जीवन खपा दूंगा।’’
उन्होंने सवालिया अंदाज में जनसमूह से पूछा कि क्या भारत की धरती पर कोई ‘शक्ति’ के विनाश की बात कर सकता है? और ‘‘क्या ‘शक्ति’ का विनाश हमें मंजूर है?’’
मोदी ने कहा कि पूरा हिन्दुस्तान ‘शक्ति’ की आराधना करता है और उनकी सरकार ने तो चंद्रयान की सफलता को भी ‘शिव शक्ति’ का नाम दिया।
उन्होंने फिर सवालिया लहजे में कहा, ‘‘...और ये लोग शक्ति के विनाश का बिगुल फूंक रहे हैं। माताएं-बहनें, शक्ति स्वरूपा आप हैं। क्या ऐसे लोगों को शक्ति का विनाश करने का मौका देंगे क्या? शक्ति का विनाश करने वालों का विनाश होना चाहिए या नहीं होना चाहिए?
मोदी ने कहा, ‘‘ ‘इंडी अलांयस’ ने घोषणापत्र जाहिर किया है। लड़ाई... एक तरफ... शक्ति का विनाश करने वाले लोग हैं तो दूसरी तरफ शक्ति के उपासक हैं। मुकाबला चार जून को हो जाएगा। कौन शक्ति का विनाश कर सकता है और कौन शक्ति का आशीर्वाद हासिल करता है।’’
इसके बाद मोदी ने कर्नाटक के शिवमोगा में भी एक रैली के दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) पर हिन्दू धर्म में समाहित ‘शक्ति’ के विनाश का ऐलान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में नारी और शक्ति का हर उपासक उसे इसका जवाब देगा।
यहां एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कल मुंबई में ‘इंडी’ गठबंधन की तरफ से एक खुला ऐलान किया गया है। वे लोग हिंदू धर्म में समाहित शक्ति को समाप्त करना चाहते हैं। हिंदू समाज जिन्हें शक्ति मानता है, उस शक्ति के विनाश का उन्होंने ऐलान कर दिया है। अगर शक्ति विनाश का उनका ऐलान है तो शक्ति उपासना का मेरा भी ऐलान है।’’
प्रधानमंत्री विपक्षी गठबंधन को अक्सर ‘इंडी’ गठबंधन कहते हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘इन्हें मां भारती की बढ़ती शक्ति से नफरत हो रही है। भारतीय नारी का उत्थान इन्हें पसंद नहीं है। शक्ति पर वार का मतलब है देश की माताओं-बहनों पर वार। नारी कल्याण की योजनाओं पर वार। मां भारती की शक्ति पर वार। यही शक्ति है जिसके अवतरण से भारत की भूमि से आतंक और अत्याचार का अंत होता है। इंडी ने इसी शक्ति को ललकारा है। कांग्रेस को इसका जवाब हर नारी और शक्ति का हर उपासक देगा। चार जून को पता लग जाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दल शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर भी निशाना साधा और कहा कि कल शिवाजी पार्क में ‘शक्ति’ के विनाश का ऐलान हो रहा था तब वह सोच रहे थे कि बाला साहेब ठाकरे की आत्मा को कितना दुख पहुंचा होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘...वह भी शिवाजी पार्क में। उस भूमि पर जहां का बच्चा जन्म से ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ का जयकारा लगाता है।’’
नारी को ‘शक्ति का प्रतिबिंब’ करार देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद आज तक किसी सरकार ने महिला सशक्तीकरण पर इतना बल नहीं दिया जितना उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दिया है।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और इस काम में ‘मास्टर’ हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने के मास्टर हैं। देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही है। नौजवान निराश हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। महंगाई से लोग अपना घर नहीं चला पा रहे हैं। नोटबंदी-जीएसटी ने लाखों उद्योग चौपट कर दिए। लेकिन प्रधानमंत्री की प्राथमिकता है- विपक्षी नेताओं के बयानों को घुमा-फिराकर जनता का ध्यान भटकाना।’’
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘आसुरी शक्ति’ के खिलाफ लड़ने की बात की है, जिससे भाजपा एवं प्रधानमंत्री ‘‘बिलबिला’’ गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह लोकसभा चुनाव ‘आसुरी शक्ति’ और ‘दैवीय शक्ति’ के बीच होगा, जिसमें जीत ‘दैवीय शक्ति’ की होगी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि गांधी की टिप्पणी ने नारी शक्ति और देवी ‘‘पार्वती, दुर्गा, काली, गौरी, त्रिपुर सुंदरी, महादेवी’’ के प्रति उनकी ‘‘घृणा’’ को भी दर्शाया है।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे के सामने शिवाजी पार्क में यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस एक तरह से हिंदुत्व से लड़ रही है। आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि उदयनिधि मारन ने कहा कि सनातन को समाप्त कर दिया जाना चाहिए, प्रियांक खरगे ने सनातन की तुलना बीमारी से की। मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार कहा था कि मोदी आते हैं तो सनातन राज आएंगे।"
भाजपा नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘‘पूरा इंडिया गठबंधन’’ हिंदुओं पर हमले कर रहा है।
उन्होंने कहा, ''हाल ही में हमने द्रमुक नेता ए राजा को भी सुना।"
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' असफल रही है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी न तो हिंदू धर्म को समझते हैं और न ही लोकतंत्र को।
भाषा सिम्मी