सिंगापुर, हांगकांग ने भारतीय मसालों पर प्रतिबंध नहीं लगाया : अनुप्रिया पटेल
मनीषा माधव
- 06 Aug 2024, 05:40 PM
- Updated: 05:40 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों ने भारतीय मसालों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि भारत से निर्यात किए गए कुछ मसालों को हांगकांग और सिंगापुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्वीकार्य सीमा से अधिक एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) की मौजूदगी के कारण वापस बुला लिया था।
आयात निगरानी के तहत, सिंगापुर खाद्य एजेंसी ने संबंधित ब्रांड के मसालों की खेप को एक महीने की अवधि के लिए ‘होल्ड-एंड-टेस्ट’ व्यवस्था के तहत रखा है।
उन्होंने बताया कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाले मसाला बोर्ड ने आयात करने वाले देश की अलग-अलग ईटीओ सीमाओं को पूरा करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं।
पटेल ने कहा कि इनमें इन गंतव्यों को निर्यात किए जा रहे मसालों की अनिवार्य प्री-शिपमेंट जांच और कच्चे माल की खरीद, पैकिंग, भंडारण और परिवहन जैसे सभी चरणों में संभावित ईटीओ संदूषण को रोकने के लिए निर्यातकों द्वारा पालन किए जाने वाले व्यापक दिशानिर्देश जारी करना शामिल है।
उन्होंने कहा ‘‘इसके अलावा, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) देश भर में उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में, एफएसएसएआई राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से डेयरी उत्पादों, मसालों और फोर्टिफाइड चावल सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों की नियमित निगरानी, निरीक्षण और यादृच्छिक नमूनाकरण करता है ताकि खाद्य सुरक्षा और मानक (एफएसएस) अधिनियम, 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों और अन्य आवश्यकताओं के अनुपालन की जांच की जा सके।
वैधानिक आवश्यकताओं का पालन न करने के मामलों में, एफएसएस अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दोषी खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाती है।
पटेल ने बताया कि एफएसएसएआई ने 2011, 2016, 2018, 2020, 2022 और 2023 में दूध और दूध उत्पादों के लिए निगरानी की है। एफएसएसएआई ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दूध और दूध उत्पादों की जांच और तेजी से परीक्षण के लिए 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' तैनात करने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि इसने 2022 में मसालों की भी निगरानी की है।
भाषा
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