स्वास्थ्य विभाग ने मेरी जानकारी के बिना उच्च न्यायालय में झूठा हलफनामा सौंपा : सौरभ भारद्वाज
शुभम दिलीप
- 06 Aug 2024, 10:46 PM
- Updated: 10:46 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव पर दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में कथित बुनियादी ढांचे की कमी के मुद्दे पर उच्च न्यायालय में झूठा हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया और दावा किया कि यह उन्हें फंसाने की साजिश है।
इसपर स्वास्थ्य सचिव की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि मंत्री एक बार फिर "न केवल दिल्ली के लोगों को, बल्कि न्यायपालिका को भी गुमराह करने के लिए झूठे बयान दे रहे हैं"।
भारद्वाज ने कहा कि वह स्वास्थ्य सचिव और सेवा विभाग के स्थायी वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विधि विभाग को पत्र लिखेंगे।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारद्वाज ने कहा कि पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय ने डॉ. सरीन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की, जिसके बाद न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार समिति की सिफारिशों के अनुसार काम करे।
उन्होंने आरोप लगाया, "इस संबंध में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया गया था, लेकिन दिल्ली का स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद न तो मुझे वह हलफनामा दिखाया गया और न ही मैंने उसे मंजूरी दी।"
दिल्ली उच्च न्यायालय अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बिस्तरों को लेकर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने के लिए डॉ. सरीन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया, "अदालत ने 24 मई को सरीन समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में सवाल किया था। मुझे आश्चर्य हुआ कि स्वास्थ्य विभाग ने मेरी जानकारी के बिना ही एक हलफनामा पेश कर दिया।"
उन्होंने दावा किया कि हलफनामा सेवा विभाग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया, "लंबे समय से मैं अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिक में दवाओं की भारी कमी के बारे में मुख्य सचिव को महीनों से पत्र लिख रहा हूं और आंकड़े भेज रहा हूं।’’
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में गलत हलफनामा दिया गया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिक में दवाओं की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह अदालत में झूठ पेश करने की साजिश है, ताकि अदालत प्रतिकूल टिप्पणी करे।
उन्होंने कहा, "मैं गलत तथ्य प्रस्तुत करने और अदालत को गुमराह करने के लिए स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई के वास्ते विधि विभाग को एक पत्र लिख रहा हूं।"
वहीं, उपराज्यपाल सचिवालय ने मंत्री के आरोपों को खारिज कर दिया है।
इसने कहा है, "संवाददाता सम्मेलन में मंत्री द्वारा दिया गया एक और भ्रामक और झूठा बयान। इसबार न केवल दिल्ली के लोगों को, बल्कि न्यायपालिका को भी गुमराह करने के लिए है।
भाषा
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