इंदौर के बाल आश्रम की तीन वर्षीय बच्ची की मौत, अब तक कुल 11 बच्चों ने दम तोड़ा
खारी
- 06 Aug 2024, 09:22 PM
- Updated: 09:22 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), छह अगस्त (भाषा) इंदौर में एक बाल आश्रम में हैजा के प्रकोप के बाद 10 बच्चों की मौत से चर्चा में आए इस संस्थान की तीन वर्षीय बच्ची ने एक सरकारी अस्पताल में उल्टी-दस्त के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। अस्पताल की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
प्रशासन का कहना है कि बच्ची ने बीमारी के कारण दम तोड़ा और उसकी मौत के मामले में कोई लापरवाही सामने नहीं आई है।
इस बीच, आश्रम के बच्चों की सिलसिलेवार मौत को लेकर कांग्रेस ने सवाल किया है कि प्रशासन ने इतने गंभीर मामले में इस संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ अब तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई है?
शासकीय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. प्रीति मालपानी ने बताया, ‘‘शहर के श्री युगपुरुष धाम बाल आश्रम की तीन वर्षीय बच्ची को शनिवार (तीन अगस्त) को बेहद गंभीर हालत में हमारे अस्पताल में उसके परिजनों ने भर्ती कराया गया था। तब वह उल्टी-दस्त और शरीर में पानी की कमी की समस्याओं से पीड़ित थी।’’
उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी और उसने सोमवार रात दम तोड़ दिया।
अस्पताल अधीक्षक के मुताबिक बच्ची कुपोषण और विकलांगता से पहले ही जूझ रही थी।
मालपानी के मुताबिक आश्रम प्रबंधन का कहना है कि उसने बच्ची को उसके परिजनों को हाल ही में सौंप दिया था।
उन्होंने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट में कुछ दिन पहले खुलासा हुआ था कि श्री युगपुरुष धाम बाल आश्रम में हैजा के प्रकोप के बाद पिछले डेढ़ महीने के भीतर 10 बच्चों की मौत हुई।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच में आश्रम में क्षमता से अधिक बच्चों को भर्ती किए जाने, बच्चों का मेडिकल रिकॉर्ड उचित तरीके से नहीं रखे जाने और संस्थान के रख-रखाव की अन्य गड़बड़ियों का भी खुलासा हुआ था।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोलते हुए कहा कि लापरवाही के अलग-अलग मामलों में बच्चों की मौत राज्य सरकार की पहचान बन गई है।
पटवारी ने कहा, ‘‘क्या कारण है कि इंदौर के आश्रम के 11 बच्चों की मौत के बाद भी अब तक आश्रम प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है? आश्रम प्रबंधन पर तुरंत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।’’
जिलाधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि बीमार बच्ची का अस्पताल में इलाज किया जा रहा था और उसकी मौत के मामले में पहली नजर में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आई है। उन्होंने हालांकि बच्ची की मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया।
उन्होंने यह भी बताया कि आश्रम के जिन बच्चों के माता-पिता जीवित हैं, उन्हें देखभाल के लिए उनके सुपुर्द कर दिया गया है।
भाषा हर्ष