शेख हसीना का विमान हिंडन एयरबेस पर उतरा, जयशंकर ने बांग्लादेश की स्थिति को लेकर मोदी को जानकारी दी
शफीक रंजन
- 06 Aug 2024, 12:19 AM
- Updated: 12:19 AM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाली शेख हसीना का विमान लंदन जाने की उनकी योजना के तहत गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरा। राजनयिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि हसीना बांग्लादेश वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य परिवहन विमान से भारत पहुंचीं। हसीना के विमान के एयरबेस पर उतरने के कुछ समय बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने उनसे मुलाकात की।
माना जाता है कि हसीना को बांग्लादेश के घटनाक्रम पर भारत के रुख से अवगत कराया गया।
भारत ने अभी तक बांग्लादेश के घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उम्मीद है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर मंगलवार को पड़ोसी देश के हालात पर संसद में बयान देंगे।
इसके अलावा, जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बांग्लादेश में तेजी से बदल रहे हालात के बारे में जानकारी दी। बताया जा रहा है कि जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी घटनाक्रम से अवगत कराया।
बताया जा रहा है कि हसीना को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और सोमवार रात को उनके भारत से रवाना होने की संभावना नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि हसीना की योजना लंदन जाने की थी। हालांकि, कुछ मुद्दे सामने आए हैं, जिससे उनकी मूल योजना में कुछ अनिश्चितता है।
वहीं, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने लंदन में कहा कि बांग्लादेश के लोग ‘‘पिछले कुछ सप्ताहों की घटनाओं की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पूर्ण एवं स्वतंत्र जांच के हकदार हैं।’’
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘अब सभी पक्षों को हिंसा को समाप्त करने, शांति बहाल करने, तनाव कम करने तथा और अधिक जान-माल की हानि को रोकने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है।’’
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र बांग्लादेश की स्थिति पर ‘‘बहुत करीबी’’ नजर रख रहा है।
प्रवक्ता फरहान हक ने दैनिक प्रेसवार्ता में बताया कि संयुक्त राष्ट्र दक्षिण एशियाई देश की स्थिति पर ‘‘बहुत बारीकी से’’ नजर रख रहा है।
प्रेसवार्ता के दौरान बांग्लादेश की स्थिति पर ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में हक ने कहा, ‘‘हमारे लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्ष शांति बनाए रखें और हम शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और लोकतांत्रिक परिवर्तन के महत्व पर जोर देना चाहते हैं।’’
हसीना के दिल्ली पहुंचने और एनएसए से उनकी मुलाकात के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हसीना दिल्ली में रहने वाली अपनी बेटी साइमा वाजिद से मिलने की संभावना है। साइमा वाजिद विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए क्षेत्रीय निदेशक हैं।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भारत ने बांग्लादेश के अनुरोध के बाद हसीना के विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने देने का फैसला किया है।
भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि ढाका में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर नयी दिल्ली करीबी नजर रखे हुए है।
वहीं, ढाका में भारत के उच्चायुक्त रह चुके पंकज सरन ने आगाह किया है कि संकट के मद्देनजर भारत को सीमा पर ‘‘बहुत सतर्क’’ रहना होगा। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी दिल्ली ‘‘सभी परिस्थितियों के लिए तैयार’’ रहेगी।
बांग्लादेश में भारत के पूर्व उच्चायुक्त सरन, जिनके कार्यकाल के दौरान 2015 में भारतीय संसद द्वारा ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते (एलबीए) की पुष्टि की गई थी, ने कहा कि कुछ कहा नहीं जा सकता कि पड़ोसी देश में कब हालात सुधरेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें बांग्लादेश के अंदर विभिन्न राजनीतिक ताकतों के बीच संतुलन बनाने को लेकर बस इंतजार करना होगा।’’
ढाका में, बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने कहा कि हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और एक अंतरिम सरकार कार्यभार संभालने जा रही है।
सेना प्रमुख ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा, "मैं (देश की) सारी जिम्मेदारी ले रहा हूं। कृपया सहयोग करें।"
सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
पिछले दो दिनों में, हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं।
बांग्लादेश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले महीने विवादास्पद नौकरी आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया।
वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वालों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान इस विवादास्पद आरक्षण व्यवस्था के तहत किया गया था।
भाषा शफीक