असम ने बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों को 'हाई अलर्ट' पर रखा
रवि कांत दिलीप
- 05 Aug 2024, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
गुवाहाटी, पांच अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में फैली हिंसा और अशांति के बाद असम सरकार ने पड़ोसी देश के साथ सीमा साझा करने वाले अपने सभी जिलों में सोमवार को ‘‘हाई अलर्ट’’ जारी किया। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
असम के करीमगंज, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘हमने सभी सीमावर्ती जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा है। हमने जिला आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को सीमा की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने को कहा है।’’
राज्य सरकार हिंसक अशांति और उसके बाद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।
बांग्लादेश में अराजकता की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना सोमवार को एक सैन्य विमान से चुपचाप देश छोड़कर लंदन रवाना हो गयीं, जबकि सेना ने सत्ता के खालीपन को भरने के लिये कदम उठाते हुए अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा की।
हसीना के देश छोड़ने की खबर फैलने के बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने ढाका में उनके सरकारी आवास में लूटपाट और तोड़फोड़ की। सरकार विरोधी प्रदर्शनों में पिछले दो दिनों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी।
पिछले महीने शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन विवादास्पद कोटा व्यवस्था के खिलाफ थे। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने वाली कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग के साथ शुरू हुआ यह प्रदर्शन बाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया।
सड़कों पर उतरे उग्र प्रदर्शनकारियों ने हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की प्रतिमा को हथौड़ों से तोड़ दिया और उनकी पार्टी के कार्यालयों में आग लगा दी।
सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने हसीना (76) के इस्तीफे की घोषणा की।
उन्होंने टेलीविजन पर एक संबोधन में कहा कि अंतरिम सरकार सत्ता संभालेगी। जमां ने हसीना के 15 वर्ष के सत्ता के अंत का संकेत देते हुए कहा, “मैं (देश की) सारी जिम्मेदारी ले रहा हूं। कृपया सहयोग करें।”
सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने राजनेताओं से मुलाकात कर उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी। बैठक में हालांकि हसीना की अवामी लीग पार्टी का कोई नेता मौजूद नहीं था।
देश भर में विरोध-प्रदर्शनों के बढ़ने के बीच सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने सेना और पुलिस दोनों से ही गोली नहीं चलाने को कहा है।
भाषा रवि कांत