शेख हसीना का विमान हिंडन एयरबेस पर उतरा, जयशंकर ने बांग्लादेश की स्थिति को लेकर मोदी को जानकारी दी
अमित दिलीप
- 05 Aug 2024, 10:06 PM
- Updated: 10:06 PM
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाली शेख हसीना का विमान लंदन जाने की उनकी योजना के तहत गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरा। राजनयिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि हसीना बांग्लादेश वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य परिवहन विमान से भारत पहुंचीं। हसीना के विमान के एयरबेस पर उतरने के कुछ घंटे बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने उनसे मुलाकात की। इस बैठक का ब्योरा अभी पता नहीं चल पाया है।
इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बांग्लादेश में तेजी से बदल रहे हालात के बारे में जानकारी दी। बताया जा रहा है कि जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी घटनाक्रम से अवगत कराया।
बताया जा रहा है कि हसीना को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और सोमवार रात को उनके भारत से रवाना होने की संभावना नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि हसीना की योजना लंदन जाने की थी। हालांकि, कुछ मुद्दे सामने आए हैं, जिससे उनकी मूल योजना में कुछ अनिश्चितता है।
हसीना की दिल्ली में रहने वाली अपनी बेटी साइमा वाजिद से मिलने की संभावना है। साइमा वाजिद विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए क्षेत्रीय निदेशक हैं।
हसीना के दिल्ली पहुंचने और एनएसए से उनकी मुलाकात के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भारत ने ढाका के अनुरोध के बाद हसीना के विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने देने का फैसला किया है।
भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि ढाका में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर नयी दिल्ली करीबी नजर रखे हुए है।
बांग्लादेश में घटित घटनाक्रम पर भारत की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ढाका में, बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने कहा कि हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और एक अंतरिम सरकार कार्यभार संभालने जा रही है।
सेना प्रमुख ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा, "मैं (देश की) सारी जिम्मेदारी ले रहा हूं। कृपया सहयोग करें।"
सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
पिछले दो दिनों में, हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं।
बांग्लादेश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले महीने विवादास्पद नौकरी आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया।
वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वालों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान इस विवादास्पद आरक्षण व्यवस्था के तहत किया गया था।
भाषा अमित