बंगाल के मंत्री ने अतिक्रमण हटाने वाली महिला अधिकारी को कथित तौर पर धमकाया, अपशब्द कहे गए
शफीक रंजन
- 04 Aug 2024, 12:56 AM
- Updated: 12:56 AM
कांठी (प.बंगाल), तीन अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरि ने शनिवार को राज्य वन विभाग की एक महिला अधिकारी और उनकी टीम के सदस्यों को कथित तौर पर धमकाया और अपशब्द कहे।
यह घटना उस समय हुई जब वे पूर्वी मेदिनीपुर जिले में ताजपुर समुद्र तट के निकट विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटा रहे थे।
तृणमूल कांग्रेस के रामनगर से विधायक गिरि स्थानीय लोगों के बीच मौजूद थे। टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित वीडियो में उन्हें महिला अधिकारी मौमिता साहू को कथित तौर पर धमकाते हुए देखा जा सकता है।
इस घटना से विवाद पैदा हो गया है। भाजपा ने मंत्री गिरि की गिरफ्तारी की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस ने मंत्री के व्यवहार की आलोचना की है तथा कहा कि पार्टी उनके बयान का समर्थन नहीं करती है।
राज्य वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ताजपुर में समुद्र तट के निकट वन विभाग की जमीन पर कुछ दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं। ये दुकानें समुद्र के इतने नजदीक थीं कि ज्वार के दौरान जलमग्न हो जाती थीं। शुक्रवार रात को इन दुकानों को हटा दिया गया।’’
अतिक्रमण रोधी अभियान के बारे में जानने के बाद गिरि स्थानीय व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंचे और शनिवार को वन विभाग के अधिकारियों से उनकी झड़प हो गई।
गिरि ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार रात को कई दुकानें हटा दीं। वन भूमि पर कई निर्माण हुए हैं, लेकिन विभाग उन पर कुछ नहीं कर सका। वन विभाग इन गरीब लोगों को परेशान कर रहा है।’’
संपर्क करने पर साहू ने गिरि द्वारा उन्हें और उनके सहयोगियों को दी गई धमकी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि राज्य के वन मंत्री बिरबाहा हांसदा ने महिला अधिकारी से संपर्क किया और पूरी घटना का संज्ञान लिया।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दोनों मामले पर नजर रखे हुए हैं।
घोष ने कहा, ‘‘हम गिरि के शब्दों और व्यवहार का विरोध करते हैं। यह अवांछनीय है। अगर उन्हें वन विभाग के बारे में कुछ कहना था, तो वे बिरबाहा हांसदा को बता सकते थे। इसके बजाय, महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारी पार्टी इसका समर्थन नहीं करती। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी मामले पर नजर रख रहे हैं।’’
दो साल पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर गिरि की विवादास्पद टिप्पणी की भी कड़ी आलोचना हुई थी।
भाजपा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘क्या ममता बनर्जी इस मंत्री को (मंत्रिमंडल से) बाहर निकालकर जेल भेजने की हिम्मत करेंगी। क्या उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप दर्ज किए जाएंगे। देखते हैं कि इस गुंडे को अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की धमकी देने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए जेल के अंदर डाला जाता है या नहीं।’’
भाषा शफीक