झारखंड में भारी वर्षा से कई सड़कें बहीं, मकान क्षतिग्रस्त
शुभम पवनेश
- 03 Aug 2024, 08:11 PM
- Updated: 08:11 PM
रांची/गुमला/रामगढ़, तीन अगस्त (भाषा) झारखंड में पिछले दो दिनों से लगातार वर्षा से कई रास्ते बह गये, पेड़ उखड़ गये तथा मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं। एक पुल भी ढह गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के किसी भी हिस्से से जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
झारखंड सरकार पहले ही आदेश दे चुकी है कि वर्षा के मद्देनजर शनिवार को सभी विद्यालय बंद रखे जाएं।
अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को राज्य की राजधानी रांची में मूसलाधार वर्षा से प्रभावित निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कहा फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को कई जिलों में भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया है।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘ आज ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने तथा कुछ जगहों पर भारी से बहुत ही भारी वर्षा होने का अनुमान है। उत्तर पश्चिम झारखंड में भारी वर्षा होने की संभावना है।’’
आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि रांची में निचले इलाकों में बारिश से जलभराव हो गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ ने शुक्रवार शाम को सदर थानाक्षेत्र स्थित बंधगारी इलाके से करीब 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
रांची के मंदार क्षेत्र में एक सड़क पानी के तेज प्रवाह में बह गयी। शनिवार सुबह शहर के कई स्थानों पर पेड़ भी उखड़े हुए मिले।
रांची नगर निगम ने जलभराव के बारे में शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन की शुरुआत की है।
झारखंड के बोकारो जिले में भारी बारिश के कारण पुल का एक हिस्सा ढह गया।
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में 2014 में निर्मित लगभग 300 मीटर लंबे पुल का एक हिस्सा ढह गया। यह पुल बोकारो के ललपनिया और गिरिडीह जिले के डुमरी को जोड़ता है।
बेरमो अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) अशोक कुमार ने कहा, '' एक पुल का करीब 20-30 फुट हिस्सा ढह गया। एक जांच समिति गठित की गई है।''
गुमला में भारी बारिश से कम से कम तीन सडकें बह गयीं।
एक अधिकारी के अनुसार कांद्रा गांव के पास एक सड़क बह गयी जो गुमला और लोहरदगा को जोड़ती थी। इसी तरह, चैनपुर प्रखंड में एक मार्ग बह गया। यह मार्ग पांच गांवों के 15,000 लोगों को जोड़ता था। जिले में निचले इलाकों के गांवों में कई मकानों में पानी भर गया है।
रामगढ़ में दामोदर और भैरवी नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रजरप्पा मंदिर क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी किया है। मंदिर के मुख्य पुरोहित अजय पांडा ने बताया कि श्रद्धालुओं को दामोदर नदी की ओर वाले निकास द्वार की ओर नहीं जाने की सलाह दी गयी है।
रामगढ़ के उपायुक्त चंदन कुमार ने सभी छह प्रखंडों के अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम को तैयार रखा गया है।
धनबाद में, बेकारबांध के पास ग्रेवाल कॉलोनी, भूली में नवाडीह नंदन रेजीडेंसी, धैया में मंगल विहार कॉलोनी, मैथन में शिवलीवारी कॉलोनी जैसे कई इलाके भारी बारिश के कारण जलमग्न हैं।
धनबाद नगर निगम के आयुक्त रविराज शर्मा ने कहा कि पानी की निकासी के लिए विभिन्न स्थानों पर त्वरित कार्रवाई दलों (क्यूआरटी) को तैनात किया है।
हांलाकि लगातार बारिश ने राज्य में वर्षा की कमी की भरपाई की है और 19 फीसदी की इस गिरावट को आईएमडी सामान्य मानता है।
मौसम विभाग के वर्षा बुलेटिन के अनुसार राज्य में एक जून से तीन अगस्त तक 435.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 538.7 मिमी है।
भाषा
शुभम