उत्तराखंड में बचाव कार्य में वायुसेना के चिनूक, एमआई 17 हेलीकॉप्टर भी शामिल
सं दीप्ति खारी
- 02 Aug 2024, 04:20 PM
- Updated: 04:20 PM
(तस्वीरों सहित)
रुद्रप्रयाग, दो अगस्त (भाषा) बारिश से क्षतिग्रस्त केदारनाथ के पैदल मार्ग पर फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए जारी बचाव अभियान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई17 हेलीकॉप्टर को भी शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुए बचाव अभियानों में अब तक कुल पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इनमें कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए निकाला गया जबकि अन्य को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कार्मिकों ने वैकल्पिक पैदल रास्तों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
उन्होंने कहा, ‘‘भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है, लेकिन पूरा सरकारी तंत्र, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और प्रदेश का आपदा प्रबंधन विभाग बचाव कार्यों में जुटा है। प्रधानमंत्री कार्यालय को किए गए मेरे अनुरोध के बाद भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई17 हेलीकॉप्टर भी बचाव अभियान में शामिल हो गए हैं।’’
धामी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘अगर मौसम अच्छा रहता है तो फंसे हुए सभी श्रद्धालुओं को शाम तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा।’’
बुधवार रात अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण लिंचोली, भीमबली, घोड़ापड़ाव और रामबाड़ा सहित कई स्थानों पर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि अन्य जगहों पर भूस्खलन और पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर आ जाने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन पर मुख्यमंत्री धामी से बचाव तथा राहत अभियान की जानकारी ली और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
धामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को फोन पर विस्तार से प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर जारी राहत तथा बचाव कार्यों के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि शाह ने उन्हें प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
अधिकारियों ने यहां बताया कि रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए दो हेल्पलाइन नंबर और एक आपातकालीन नंबर भी जारी किए हैं जिस पर फोन करके वे यात्रा मार्ग पर फंसे अपने परिजनों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मंदाकिनी नदी में बाढ़ से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली में 20-25 मीटर का मार्ग बह गया था जिससे वहां श्रद्धालु फंस गए।
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि फंसे हुए लोगों तक खाने के 5000 पैकेट पहुंचाए गए हैं।
इस बीच, केदारनाथ पैदल रास्ते में कई जगह भूस्खलन होने से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा फिलहाल स्थगित है।
इस संबंध में, रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को यात्रियों को एक परामर्श जारी कर कहा गया था कि केदारनाथ दर्शन के लिए रुद्रप्रयाग तक पहुंचे तीर्थयात्री फिलहाल जहां हैं, वहीं सुरक्षित रूके रहें और अभी अपनी केदारनाथ धाम यात्रा को स्थगित कर दें।
परामर्श में कहा गया था कि इस समय सोनप्रयाग से आगे मोटरमार्ग और पैदल मार्ग की स्थिति बिल्कुल भी सही नहीं है और रास्ते सही होने व यात्रा के सुचारू होने के संबंध में सूचना बाद में दी जाएगी।
राज्य आपदा प्रतिवादन बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कार्मिकों द्वारा चलाए जा रहे हवाई और जमीनी बचाव अभियान के तहत अब तक केदारनाथ मार्ग से 3000 से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बृहस्पतिवार रात राज्य में बारिश के हालात का जायजा लिया था जिसके बाद यहां जारी बचाव अभियान को तेज करने के लिए केंद्र द्वारा चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर भेजे गए।
भाषा सं दीप्ति