पुतिन ने रिकॉर्ड मतों से रूस का राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता
एपी नोमान नरेश
- 18 Mar 2024, 04:01 PM
- Updated: 04:01 PM
मॉस्को, 18 मार्च (भाषा) रूस के कद्दावर नेता व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल कर ली है।
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि देश में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में व्लादिमीर पुतिन ने जीत दर्ज की है और उन्होंने रिकॉर्ड मत प्रतिशत के साथ राष्ट्रपति पद का पांचवां कार्यकाल हासिल किया है।
चुनाव में पुतिन की जीत देश की राजनीतिक व्यवस्था पर उनके नियंत्रण को रेखांकित करती है।
पुतिन के सामने नाममात्र के सिर्फ तीन उम्मीदवार थे और यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुतिन के खिलाफ चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गयी थी।
पुतिन दिसंबर 1999 से राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के तौर पर रूस का नेतृत्व कर रहे हैं।
इससे पहले पुतिन ने नतीजों को उनमें लोगों का ‘विश्वास’ और ‘उम्मीद’ बताया, जबकि आलोचकों ने नतीजों को चुनाव की पूर्वनिर्धारित प्रकृति का एक और प्रतिबिंब बताया।
मतदान खत्म होने के बाद स्वयंसेवकों के साथ बातचीत करते हुए पुतिन ने कहा, “ हमारे पास बहुत काम हैं। लेकिन मैं सबसे यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब हम एकजुट थे, तो कोई भी हमें डराने, हमारी इच्छाशक्ति और हमारे आत्म-विवेक को दबाने में कामयाब नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “वे अतीत में नाकाम रहे और वे भविष्य में भी असफल होंगे।”
चुनाव के दौरान पुतिन और यूक्रेन में जंग की सार्वजनिक तौर पर आलोचना करने पर रोक थी। स्वतंत्र मीडिया को पंगु बना दिया गया था।
पुतिन (71) के सबसे मुखर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी की पिछले महीने आर्कटिक जेल में मौत हो गई और उनके अन्य आलोचक या तो जेल में हैं या निर्वासन में हैं।
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने सोमवार को कहा कि करीब 100 फीसदी क्षेत्रों में पड़े मतों की गिनती कर ली गई है और पुतिन को 87.29 फीसदी वोट मिले हैं।
आयोग की प्रमुख एला पैम्फिलोवा ने कहा कि पुतिन के लिए करीब 7.6 करोड़ लोगों ने मतदान किया है जो उन्हें हासिल अब तक के सबसे ज्यादा वोट हैं।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और होन्डुरास, निकारागुआ और वेनेजुएला के राष्ट्रपतियों ने पुतिन को उनकी जीत पर बधाई दी। वहीं सोवियत संघ के विघटन के बाद अस्तित्व में आए मध्य एशियाई देशों- तज़ाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान के नेताओं ने भी पुतिन को मुबारकबाद दी। वहीं,पश्चिमी देशों ने चुनाव को दिखावटी बताकर खारिज कर दिया।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरून ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ यूक्रेनी क्षेत्र में अवैध तरीके से चुनाव कराने के बाद रूस में चुनाव संपन्न हो गए हैं। चुनाव में मतदाताओं के पास विकल्पों की कमी थी और कोई स्वतंत्र ओएससीई निगरानी भी नहीं थी। यह वैसा नहीं है जैसा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव दिखता है।”
पुतिन के खिलाफ क्रेमलिन-अनुकूल पार्टियों के तीन प्रतीकात्मक प्रतिद्वंद्वी खड़े थे जिन्होंने उनके 24 साल के शासन या दो साल पहले यूक्रेन पर उनके आक्रमण की किसी भी आलोचना से परहेज किया है।
चुनाव नियंत्रित माहौल में हुए थे और नवलनी के सहयोगियों ने आग्रह किया था कि जो लोग पुतिन और यूक्रेन में युद्ध से नाराज़ हैं, वे रविवार दोपहर मतदान केंद्र पर पहुंचें। इसके बाद रूस में और दुनियाभर में इसके दूतावासों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गई थीं।
नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनया भी जर्मनी के बर्लिन में रूस के दूतावास के बाहर लंबी कतार में लगी दिखी थीं। वह पांच घंटे तक कतार में थी और उन्होंने मतदान करने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने मतपत्र पर अपने दिवंगत पति का नाम लिखा है।
पुतिन के लिए संदेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “ कृपया मुझसे या किसी से भी पुतिन के लिए संदेश मांगना बंद करें। पुतिन के साथ कोई बातचीत या कुछ भी नहीं हो सकता, क्योंकि वह एक हत्यारा है, वह एक गैंगस्टर है।”
वहीं, पुतिन ने प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ किया।
उन्होंने मतदान संपन्न होने के बाद एक प्रेस वार्ता में कहा, “ दोपहर के समय मतदान करने का आह्वान किया गया था और इसे विरोध का प्रकटीकरण माना गया। ठीक है, अगर वोट देने की अपील की गई है तो... मैं इसकी प्रशंसा करता हूं।”
पुतिन ने प्रेस वार्ता के दौरान वर्षों में पहली बार नवलनी का नाम लेकर उन्हें संबोधित किया।
पुतिन ने कहा कि उन्हें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी को जेल से रिहा करने के विचार के बारे में बताया गया था। यह बात विपक्षी नेता की मृत्यु से कुछ दिन पहले की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वह इस शर्त पर राजी हो गए थे कि नवलनी रूस वापस नहीं आएंगे।
पुतिन ने कहा कि कुछ सहकर्मियों ने जो (राष्ट्रपति के) प्रशासन से नहीं थे, उन्होंने पश्चिमी देशों की जेलों में बंद कुछ लोगों के बदले में नवलनी को रिहा करने के विचार के बारे में बताया था।
पुतिन ने कहा, “ आप यकीन करें या न करें, जो व्यक्ति मुझसे बात कर रहा था, उसने अपना वाक्य भी पूरा नहीं किया था जब मैंने कहा था कि मैं राज़ी हूं।”
उन्होंने नवलनी की मृत्यु को लेकर कहा, “ ऐसा होता है। इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिस बारे में आप कुछ कर पाएं। यह जीवन है।”
नवलनी के सहयोगियों ने पिछले महीने कहा था कि नवलनी के संबंध में कैदियों की अदला बदली को लेकर रूस की पश्चिमी देशों के अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही थी।
इस बीच रविवार को नवलनी के समर्थक मॉस्को में उनकी कब्र पर पहुंचे और कुछ के पास मतपत्र थे जिनपर उनका नाम लिखा था।
देश में मतदान तीन दिन चला और यूक्रेन से अवैध तरीके से मिलाए गए क्षेत्र में भी चुनाव कराया गया था तथा ऑनलाइन भी मतदान हुआ।
एपी नोमान