नाले में डूबने से हुई मौतों पर ‘आप’ नेता झूठे और भ्रामक बयान दे रहे हैं: उपराज्यपाल कार्यालय
नोमान दिलीप
- 02 Aug 2024, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के कार्यालय ने राज्यसभा सदस्य संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर एक महिला और उसके बच्चे के डीडीए के नाले में डूबने के संबंध में “जानबूझकर गलत, भ्रामक और घोर अनुचित” बयान जारी करने का आरोप लगाया।
‘आप’ नेताओं ने आरोप लगाया है कि पूर्वी दिल्ली में बुधवार शाम एक महिला और उसके बच्चे की मौत दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के नाले में गिरने से हुई। उन्होंने प्राधिकरण के अध्यक्ष उपराज्यपाल के इस्तीफे की मांग की।
‘आप’ ने शनिवार को उपराज्यपाल कार्यालय पर प्रदर्शन की भी घोषणा की है।
उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा, “ यह निस्संदेह ‘आप’ और उसके नेतृत्व की गाली-गलौज करने और भाग जाने की आदत का एक और उदाहरण है, लेकिन मामले में तथ्य यह है कि खोड़ा कॉलोनी में जिस नाले में डूबने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, वह ‘आप’ के नियंत्रण वाली एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) के अधीन आता है।”
कार्यालय ने दावा किया कि नाले के 1000 मीटर हिस्से की न तो सफाई की गई और न ही उसे ढका गया।
उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा कि नाले की कुल लंबाई 1,350 मीटर है, जिसमें से 1,000 मीटर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसे डीडीए ने 17 अप्रैल 2023 को उसे सौंप दिया था।
कार्यालय ने आरोप लगाया है, “ ‘आप’ सांसद संजय सिंह, विधायक कुलदीप कुमार, पार्टी प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ और आम आदमी पार्टी (आप) ने कल स्पष्ट रूप से झूठा, जानबूझकर भ्रामक और घोर अनुचित बयान जारी किया, जिसमें डीडीए को एक महिला और उसके बच्चे की डूबने से हुई दुखद मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया और माननीय उपराज्यपाल के इस्तीफे की मांग की गई। आज मंत्री गोपाल राय और विधायक कुलदीप कुमार ने एक प्रेस वार्ता में फिर से वही झूठ फैलाया।”
उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा कि नाले के 350 मीटर का हिस्सा डीडीए के नियंत्रण में आता है । कार्यालय ने कहा, “डीडीए ने हाल में नाले के अपने हिस्से से गाद निकाली है और 350 मीटर के पूरे हिस्से को कंक्रीट की स्लैब से ढक दिया है।”
इसमें कहा गया है कि प्राधिकरण ने कचरे के प्रवाह को रोकने के लिए नाले के एमसीडी-डीडीए जंक्शन पर एक स्टील जाली लगाई है और वहीं से पीड़ितों के शव मिले थे।
‘आप’ सरकार पर तीखा हमला करते हुए उपराज्यपाल कार्यालय ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 10 वर्षों तक “जानबूझकर बरती गई निष्क्रियता, विकास की कमी और नागरिक अवसंरचना सेवाओं की बदतर स्थिति” को ‘विज्ञापनों’ से छुपाया गया, लेकिन यह अब उजागर हो रहा है और दिल्ली के लोगों के सामने स्पष्ट हो रहा है।
भाषा नोमान